ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सऊदी सरकार ने साल 2024 में 17 अरब डॉलर के अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बेचे, जो उभरते बाजारों में रोमानिया के बाद दूसरे स्थान पर है। सभी सऊदी बॉन्ड डॉलर में थे, जबकि इस साल ऐसा कहा जा रहा है कि यह अपने वित्त पोषण आधार में विविधता लाने के लिए अन्य मुद्राओं पर विचार कर सकता है। नेशनल डेट मैनेजमेंट सेंटर (NDMC) ने एक बयान में कहा कि इस साल राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं का अनुमान 139 अरब रियाल (37 अरब डॉलर) है।
सऊदी सरकार बॉन्ड के अलावा नया कर्ज भी ले सकती है। सरकार ने बताया है कि उसे तीन बैंकों से 2.5 अरब डॉलर की तीन साल की रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा मिली है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ये बैंक अबू धाबी इस्लामिक बैंक, क्रेडिट एग्रीकोल एसए और दुबई इस्लामिक बैंक हैं। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 एजेंडे के तहत सरकार नए शहरों से लेकर खेल और सेमीकंडक्टर तक हर चीज पर सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर रही है।
सऊदी अरब की उधारी बढ़ा रहा मोहम्मद बिन सलमान का सपना, 2025 में भी बॉन्ड बेचना जारी, लेना होगा नया कर्ज
रियाद: सऊदी अरब साल 2024 में उभरते बाजारों में सबसे बड़े बॉन्ड जारी करने वालों में से एक था, ये 2025 में भी जारी रहेगा। सऊदी सरकार ने संकेत दिया है कि वह अपनी विशाल परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए 2025 में भी उसी रफ्तार से उधारी जारी रखेगी। सरकार ने साल का अपना पहला बॉन्ड बेचने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान देश की अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। इसके लिए कई बड़े प्रोजेक्ट सऊदी में चल रहे हैं, जिनमें भारी खर्च हो रहा है।











