बलरामपुर में अधिकारियों पर मंच से भड़कीं विधायक शकुंतला पोर्ते

बलरामपुर में अधिकारियों पर मंच से भड़कीं विधायक शकुंतला पोर्ते
बलरामपुर, बलरामपुर जिले में प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने नाराजगी जताई है। वाड्रफनगर ब्लॉक में आयोजित सुशासन तिहार के सार्वजनिक मंच से विधायक ने अधिकारियों को नसीहत दी कि परेशानी का सामना करते हुए फरियादी उनके दरवाजे पहुंचते हैं। उनका काम नहीं होता तो वे श्राप देकर जाते हैं। पढ़-लिख लेने से कोई जनता के उपर नहीं हो जाता।

विधायक शकुंतला पोर्ते का सुशासन मंच से की गई टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वाड्रफनगर ब्लॉक के ग्राम गुडरू में सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर के दौरान विधायक पोर्ते से लोगों ने राजस्व मामलों के निपटारे में देरी और लापरवाही की शिकायत की।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है। विधायक ने अधिकारियों की मनमानी पर नाराजगी जताई।

अधिकारियों को दी नसीहत विधायक शकुंतला पोर्ते ने मंच से अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि केवल परीक्षा पास कर लेने से कोई जनता से ऊपर नहीं हो जाता। विधायक ने कहा कि ‘जनता का श्राप बड़े-बड़े लोगों का गुरूर तोड़ देता है.’ उन्होंने अधिकारियों को पद का अहंकार छोड़कर आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की सीख दी।

विधायक ने कहा कि ग्रामीण सुबह से बसों में सफर कर कार्यालय पहुंचते हैं, घंटों इंतजार करते हैं, फिर भी उनका काम नहीं होता और वे निराश होकर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।

ग्रामीणों ने अनुसार जमीन सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और पट्टा जैसे राजस्व मामलों के लंबे समय तक लंबित रहते हैं और अधिकारी लोगों को दफ्तर के चक्कर कटवा रहे हैं।

विधायक ने यह भी कहा कि सरकार की इतनी योजनाएं चल रही हैं कि लोगों का जीवन बदल जाए, लेकिन उस योजना का लाभ दिलाएगा कौन। विधायक ने अधिकारियों को कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय गांवों में जाकर काम करने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते का बयान भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। कांग्रेसी भी इसे शेयर कर सवाल उठा रहे हैं कि सरकार में अधिकारी पूरी तरह से बेपरवाह हैं।

उद्धेश्वरी ने दिया था एसडीएम को हटाने का अल्टीमेटम बलरामपुर जिले में यह दूसरा मौका है जब किसी विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों पर खुलकर नाराजगी जताई है। सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने राजपुर में भूमिपूजन कार्यक्रम में एसडीएम और तहसीलदार की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम को 24 घंटे में हटाने की मांग रख दी थी। मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। हालांकि एसडीएम अब भी अपने पद पर जमे हुए हैं।


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