इससे प्रदेश में एमबीबीएस की 250 नई सीटें बढ़ेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निरीक्षण को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रेड-3 और ग्रेड-4 कर्मचारियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है।
प्रत्येक कॉलेज में टीचिंग स्टाफ के 97 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। शुरुआत में वरिष्ठ डॉक्टरों को पदोन्नत कर इन कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा, जबकि शेष पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए संविदा नियुक्तियां होंगी। इसके लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निरीक्षण को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
ग्रेड-3 और ग्रेड-4 कर्मचारियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रत्येक कॉलेज में टीचिंग स्टाफ के 97 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। शुरुआत में वरिष्ठ डॉक्टरों को पदोन्नत कर इन कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा, जबकि शेष पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए संविदा नियुक्तियां होंगी। इसके लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा।
मंजूरी के बाद मेडिकल कॉलेजों की सीटें बढ़कर 1680
प्रदेश में फिलहाल 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें कुल 1430 एमबीबीएस सीटें हैं। नए कॉलेज शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। प्रत्येक नए कॉलेज में 50-50 सीटें होंगी। इस तरह 250 सीटें बढ़ने के बाद प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 1680 तक पहुंच जाएगी।











