वक्त आने पर आयकर विभाग के साथ निजी चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थाओं की मदद से सर्च करा या जांच करा सके।👁️
सभी राजनीतिक पार्टियों के जितने भी राजनेता है जो चुनाव लड़ते वक्त अपने संपत्ति का ब्योरे का एफिडेविट देते हैं उसकी निगरानी 👀और जांच आयकर विभाग द्वारा होना चाहिए। लगे तो इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट की टीम की मदद ली जा सकती है।
इसी प्रकार जितने शासकीय कर्मचारी अधिकारी उच्च अधिकारी होते हैं उनकी भी आय संपत्ति का प्रतिवर्ष ब्यूरो चेक होना चाहिए उसकी जांच होना चाहिए।
साधारण या मध्यम वर्ग से आए कई नेता अधिकारी की संपत्ति दिन दूनी रात चौगुनी से भी अधिक तेजी से बढ़ जाती है यह सब जानते हैं पर बोलना कोई नहीं। अनेक ऐसे लोगों के खर्चे आप सोच नहीं सकते कि कितने रईसी अंदाज से भी जीते हैं।
*हर सरकार में एक मंत्रालय करप्शन कंट्रोल का भी होना चाहिए। ऐसा बिल अध्यादेश सदन में पारित होकर लागू हो जाए तो भारत की समस्त जनता मैं जो कई अघोषित आय रखते हैं वह भी सुधर जाएंगे। जय भारत*
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद्)











