मंत्री शाह ने कर्नल सोफिया मामले में फिर माफी मांगी:वीडियो जारी कर कहा- देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में शब्द निकले थे, फिर माफी मांगता हूं

मंत्री शाह ने कर्नल सोफिया मामले में फिर माफी मांगी:वीडियो जारी कर कहा- देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में शब्द निकले थे, फिर माफी मांगता हूं
भोपालजनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने एक बार फिर कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान के मामले में माफी मांगी है। सुप्रीम कोर्ट में 9 फरवरी को होने वाली सुनवाई के पहले शाह ने माफी मांगकर इस मामले के पटाक्षेप के साथ कोर्ट को अपनी भावनाओं से अवगत कराने की कोशिश की है।

मंत्री शाह ने अपने फेसबुक पेज पर भी यह वीडियो अपलोड किया है। शनिवार दोपहर में इसको लेकर मीडिया को जारी बयान में शाह ने कहा,

मैंने पहले भी कई बार कहा है, मेरा ऐसा कई उद्देश्य भी नहीं था कि किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज, किसी वर्ग का अपमान। वे शब्द निस्संदेह मेरी भावना के अनुरूप नहीं थे। वे शब्द देश भक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकले थे। गलती के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए। आप सब जानते हैं कि मेरी कोई दुर्भावना नहीं थी।

मैंने अंत:करण से क्षमा याचना की। कई बार की है आज फिर कर रहा हूं। मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है कि मेरी छोटी से त्रुटि से ऐसा विवाद उत्पन्न हुआ है। मुझे विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में देखा जाएगा। भारतीय सेना के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है और रहेगा। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए ऐसे शब्दों की मर्यादा, संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। इस घटना से मैंने आत्ममंथन किया है, सबक लिया है, जिम्मेदारी मानता हूं। भविष्य में वाणी में नियंत्रण रहेगा, ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। एक बार पुन: उस प्रकरण में आप सभी नागरिकों से, भारतीय सेना से, सब लोगों से अंत:करण से माफी मांगता हूं।

विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान

11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।'

शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।'

पार्टी और विधि विशेषज्ञों से राय-मशविरा

सूत्रों के अनुसार, इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अटार्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी सलाह ली गई है। लंबी चर्चा के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार 9 फरवरी की सुनवाई में समय विस्तार की मांग कर सकती है, जिससे सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है।

सरकार ने रिपोर्ट दिल्ली भेजी

मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी मंशा से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। इस संबंध में एसीएस गृह शिवशेखर शुक्ला, सचिव गृह कृष्णा वेणी देशावतु और अतिरिक्त सचिव मनीषा सेंतिया दिल्ली गए थे। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदु पर सुनवाई संभावित है, जबकि 11 फरवरी को मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है।

तीन सदस्यीय SIT कर रही जांच

विजय शाह प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है।


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