राज्य सरकार ने लगाई थी रोक
दरअसल, राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति नियम 2025 लागू किए जाने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को उच्च पदों के प्रभार देने पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। विभाग का तर्क था कि पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर अधिसूचना जारी हो चुकी है, इसलिए अब कार्यवाहक प्रभार नहीं दिए जाएं।
नए नियमों की दी गई चुनौती
हालांकि, सरकार द्वारा जारी किए गए नए पदोन्नति नियमों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसी बीच उच्च पदों के प्रभार को लेकर दायर एक अन्य याचिका पर हाई कोर्ट ने कार्यवाहक प्रभार दिए जाने संबंधी आदेश पारित किया।
पुलिस इकाइयों को दिए निर्देश
हाई कोर्ट के इसी आदेश के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश भेजते हुए उच्च पदों के प्रभार देने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने को कहा है।
क्या होगा असर?
लंबे समय से रुकी प्रभार व्यवस्था फिर शुरू होगी
खाली पदों पर प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी
कई अधिकारियों को मिल सकता है उच्च पदों का दायित्व











