पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के दौरान मनोज साने ने पुलिस को बताया कि 2008 में उसकी तबीयत खराब हुई थी। उसे तब पता चला कि वह एचआईवी पॉजिटिव है। उसका दावा है कि काफी पहले हुई दुर्घटना के बाद वह अस्पताल में था। इसी दौरान उसे या तो एचआईवी संक्रमित सुई लगी या ब्लड चढ़ाया गया।
किसी और से अफेयर का था शक
मनोज साने ने पुलिस के सामने माना कि वह सरस्वती को लेकर बहुत ज्यादा संवेदनशील था। उसे सरस्वती पर शक था कि उसका किसी और के साथ अफेयर है। इस वजह से कई बार वह उसे डांटता था।सरस्वती को पढ़ाता था गणित
आरोपी का दावा है कि सरस्वती पढ़ना चाहती थी। वह उसे खुद पढ़ा रहा था। इस बार उसने दसवीं की परीक्षा देने की योजना बनाई थी। वह उसे गणित पढ़ाता था। पुलिस ने बताया कि घर में उन्हें बोर्ड मिला है, जिस पर गणित के समीकरण लिखे थे।राशन की दुकान पर क्यों करता था काम?
मनोज राशन की दुकान पर काम करता था। यहीं पर उसकी मुलाकात अनाथ सरस्वती से हुई थी। हालांकि पुलिस को मामला पेचीदा लग रहा है। मनोज के पास से उन्हें इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट का सर्टिफिकेट मिला है। सवाल उठ रहा है कि जब साने इतना पढ़ा लिखा था तो वह राशन की दुकान पर काम क्यों कर रहा था?











