कैबिनेट बैठक में जानिए क्या हुआ बदलाव
कैबिनेट की बैठक में नए जिलों के गठन पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान जयपुर शहर को जयपुर उत्तर और जयपुर दक्षिण में विभाजित किए जाने के बजाय जयपुर शहर और जयपुर ग्रामीण जिले के गठन को स्वीकृति दी गई। जयपुर ग्रामीण क्षेत्र की कई तहसीलों के लोग दूदू जिले में शामिल नहीं होने को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन तहसीलों को जयपुर ग्रामीण में शामिल किया जाएगा।दूदू भी जिला रहेगा
दूदू को भी जिला रखा जाएगा। अब दूदू प्रदेश का सबसे छोटा जिला बन जाएगा। इसी तरह जोधपुर भी जोधपुर पूर्व और जोधपुर पश्चिम में विभाजित होने के बजाय जोधपुर शहर और जोधपुर ग्रामीण जिले होंगे।'छोटे जिलों से विकास को नई रफ्तार मिलेगी'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि नए जिलों के गठन के बाद कई जिलों के आकार छोटे हो जाएंगे। छोटे जिले होने से विकास को नई गति मिलेगी। सरकार की विकास योजनाओं का क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। इससे आम लोगों को सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं का फायदा जल्दी मिल सकेगा।सीएम गहलोत ने कहा कि छोटे जिलों से सरकार और प्रशासन की पहुंच और अधिक सुगम होगी। जिससे इन क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण होगा। नए जिला मुख्यालयों के कारण इसके आसपास के क्षेत्र में शहरीकरण और औद्योगीकरण में बढ़ोतरी होगी। साथ ही निवेश और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।











