11,639 शांति एवं विवाद निवारण समितियां, 11,331 वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समितियां और 21,887 सहयोगिनी मातृ निवारण समितियां पेसा क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इन समितियों के सहयोग से जनजातीय समुदाय न केवल अपने पारंपरिक अधिकारों को संरक्षित कर पा रहा है, बल्कि महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।
पेसा अधिनियम के तहत 4,850 पेसा मोबिलाइजर भी नियुक्त किए गए हैं, जो लोगों को जागरूक करने, कानून की जानकारी देने और ग्रामसभाओं को सक्रिय बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। यह एक ऐसी व्यवस्था बन चुकी है जो न केवल प्रशासनिक बोझ को कम कर रही है, बल्कि स्थानीय नेतृत्व को भी सशक्त बना रही है।
अधिनियम के तहत ग्रामसभा को भूमि, जल, जंगल, खनिज, सामाजिक न्याय, ग्राम स्तरीय संस्थानों, शांति एवं विवाद निवारण जैसे मुद्दों पर अधिकार प्राप्त हैं। इसकी सफलता का एक प्रमाण यह भी है कि हजारों विवाद पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराए बिना ही सुलझाए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों का समय और धन दोनों बचा है।











