भगवान बुद्ध ने शांति का संदेश दिया, पूरी दुनिया में शांति के दीपक जलते रहे

भगवान बुद्ध ने शांति का संदेश दिया, पूरी दुनिया में शांति के दीपक जलते रहे

भोपाल भारत और थाईलैंड का सदियों से धर्म का अटूट रिश्ता रहा है। मप्र की धरती सांची में सम्राट अशोक ने स्तूप बनवाया, जो बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है। भारत के सांची, गया, वाराणासी, खुशीनगर, सारनाथ, धर्मशाला में बड़ी संख्या थाईलैंड से बड़ी संख्या में बुद्धिस्ट आते हैं। चीन, श्रीलंका सहित अन्य देशों से भी बड़ी संख्या में भारत में बौद्ध धर्मगुरु आते हैं, यहां बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। भगवान बुद्ध ने दुनिया में शांति का संदेश दिया। हम बौद्ध धर्म गुरु, बौद्ध भिक्षु मानव जाति को शांति का संदेश देने का काम कर रहे हैं। पूरी दुनिया में शांति के दीपक जलते रहे। सभी प्रेम व सद्भाव से रहे।

यह बात नवदुनिया से शहर के चूनाभट्टी बौद्ध विहार में आठवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में थाईलैंड से आए प्रमुख-वट थाई सीरी राजगीर फ्रा विधेश वच्छिरामेथी अचान विच्छीअन ने कही। उन्होंने कहा कि मप्र की धरती पर आकर अच्छा लगा। बौद्ध धर्म के अनुयायियों से सवांद किया। बौद्ध धर्म और बौद्ध कला भारत की सांस्कृतिक विरासत है। इसके होने से ही भारत का सुंदर इतिहास है, जो सदियों से संजोते आ रहे हैं। भगवान बुद्ध इस संपूर्ण एशिया के ज्ञान भंडार के प्रकाश पुंज कहे जाते हैं। ऐतिहासिक काल में राजाओं ने अपने अपने तरीकों से इस धर्म व कला को प्रचारित प्रसारित किया। इस तरह इस पवित्र कला व धर्म के प्रति अगाध श्रद्धा रखते हुए इस समय में भी बौद्ध कला से प्रेरणा लेकर भारतीय कला ही नहीं, अपितु विश्व की कलाएं आगे बढ़ रही हैं। नित नए शोध इस कला पर हो रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

महोत्सव में देश-विदेश से 12 सदस्यीय बौद्ध धर्मगुरु सहित बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु शामिल हुए। महोत्सव की शुरुआत से पहले सभी ने बौद्ध विहार में स्‍थाप‍ित 25 फीट ऊंची भगवान बुद्ध की मूर्ति के समक्ष पहुंचे। देश-दुनिया में शांति की कामना की। ओरियंट स्टडीज सोसाइटी आफ श्रीलंका के भदंत गिरिमंद महाथेरो, भूटान से लामा पेमा वांगयेल, विश्व शांति संस्थान संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, श्रीलंका, थाईलैंड से आए बौद्ध धर्मगुरुओं ने भारत की प्रशंसा की। कार्यक्रम मुख्य संयोजक भंते शक्यापुत्र सागर थेरो ने कहा राजनीति में धर्म होना चाहिए देश का कल्याण होगा, पर धर्म में कभी भी राजनीति नहीं होनी चाहिए। अन्यथा धर्म का विनाश होगा। वे लोग महान होते हैं, जो धंधे में भी धर्म करते हैं और उससे बड़ा पापी कौन जो धर्म में भी धंधे करते हैं। दुनिया में सच्चा कार्यकर्ता वही होता है जिसका कार्य तो करता है, लेकिन दिखाता नहीं है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, सामाजिक न्याय व अधिकारिता रामदास आठवले, मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष तपन भौमिक, भाजप प्रदेश संगठन मंत्री राहुल कोठारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी पहुंचे। सभी ने देश-विदेश से आए बौद्ध धर्मगुरुओं से आशीर्वाद लिया। सोमवार के बौद्ध धर्मगुरुओं का दल सांची स्तूप का भ्रमण करेगा।

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