रिपोर्ट के मुताबिक जमात-ए-इस्लामी (JI) और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी PTI के बैक टू बैक प्रदर्शन होने वाले हैं और इन धरना प्रदर्शनों के खौफ से शहबाज सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पाकिस्तान सरकार ने धारा 144 लागू करते हुए मोबाइल इंटरनेट, मेट्रो सेवाएं, बाजार और शिक्षण संस्थान तक बंद कर दिए हैं जबकि सुरक्षा के लिए हजारों एंटी-रायट पुलिसकर्मी, रेंजर्स और रबर बुलेट-आंसू गैस के दस्ते तैनात किए गए हैं। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक गृहयुद्ध जैसी इस किलेबंदी ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में लगाया 'लॉकडाउन'
रिपोर्ट के मुताबिक ये तैयारी ऐसे समय में की जा रही है जब जमात-ए-इस्लामी का लंबा मार्च इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है जबकि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), किसान इत्तेहाद और कश्मीरी समूहों की अलग-अलग लामबंदी भी अधिकारियों को अलर्ट पर रख रही है। रावलपिंडी और इस्लामाबाद की सुरक्षा के लिए 1000 से ज्यादा कंटेनरों से रास्तों को जाम कर दिया गया है।कंटेनरों को मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों तक जाने वाले रास्तों पर रखा गया है। जबकि फैजाबाद से मरी रोड की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरियर भी दिखाई दे रहे हैं। कुछ जगहों पर बैरिकेड्स को मजबूत करने के लिए बोरियों और मिट्टी के ढेरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा इंतजामों के तहत D-चौक और एम्बेसी रोड जैसे इलाकों को भी शामिल किया गया है क्योंकि अधिकारी प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद के 'रेड ज़ोन' में घुसने से रोकना चाहते हैं। इस जोन में संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय और सरकार के अन्य अहम संस्थान मौजूद हैं।
