शराब परोसने पर रेस्टोरेंट का लाइसेंस निरस्त:लोकसभा चुनाव में पहली ऐसी कार्रवाई

शराब परोसने पर रेस्टोरेंट का लाइसेंस निरस्त:लोकसभा चुनाव में पहली ऐसी कार्रवाई

अवैध तरीके से शराब पिलाने पर भोपाल के एमपी नगर स्थित एटमॉस्फियर रेस्टोरेंट का कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए हैं। लोकसभा चुनाव में भोपाल में ऐसी पहली कार्रवाई है। इसके साथ 10 रेस्टोरेंट और होटलों की जांच भी की जा रही है। यहां से भी अवैध शराब जब्त की गई थी। इन पर भी कार्रवाई हो सकती है।

रेस्टोरेंट पर 20 अप्रैल को आबकारी विभाग ने कार्रवाई की थी। इस दौरान ग्राहकों को बिना अनुमति से शराब पिलाई जा रही थी। विभाग से अस्थायी लाइसेंस भी नहीं लिया गया था। इसके चलते प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर के समक्ष पेश किया गया। इस मामले में संचालक का तर्क था कि मेरी और कर्मचारियों की जानकारी के बिना कुछ ग्राहकों द्वारा वीकेंड में शराब लाई गई थी। जिसे ही आबकारी विभाग ने जब्त किया। दूसरी ओर, विभाग के अफसरों का कहना था कि रेस्टोरेंट से पहले भी शराब जब्त की जा चुकी है और जुर्माना भी लगा था। इस बार भी बिना अनुमति के शराब पिलाई जा रही थी। कलेक्टर ने रेस्टोरेंट को श्रम विभाग द्वारा जारी गुमाश्ता, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी फूड लाइसेंस और निगम द्वारा जारी व्यवसायिक लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश दिया है।

यहां से भी जब्त की गई अवैध शराब
आबकारी कंट्रोलर भदौरिया ने बताया, पिछले दिनों नीलबड़ में नेचर कॉटेज, ट्री चैप्टर, व्हाइट ओर्चिड, कॉन्ट्री साइड रेस्टोरेंट, जहाज रेस्टोरेंट, रायसेन रोड पर जीसी रिट्रीट, शामियाना आचमन, सम्राट गार्डन, देशी तड़का, विदिशा रोड पर सेवन ओक, चंबल ढाबा, युवराज ढाबा पर भी कार्रवाई की गई थी। यहां अवैध तरीके से शराब पीते हुए कई लोग मिले थे। शराब जब्त कर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 36(a/b)के 80 प्रकरण दर्ज किए गए थे। इसके प्रकरण भी तैयार किए गए हैं।


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