हिंदी सिनेमा के सबसे सेलिब्रेटेड सिंगर किशोर दा ने 8 बार बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। जबकि 28 बार नॉमिनेशन पाया था। यह बॉलीवुड के इतिहास में इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने और नॉमिनेट होने का रिकॉर्ड है। उन्हें 1985 में मध्य प्रदेश सरकार ने लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जबकि उनकी याद में 1997 में, मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए 'किशोर कुमार पुरस्कार' शुरू किया।
किशोर दा ने टेबल मंगवाया, उस पर लेट गए और गाने लगे! मजाक-मजाक में रिकॉर्ड हुआ 80 के दशक का ब्लॉकबस्टर गाना
किशोर कुमार कितने हरफनमौला थे, यह बताने की जरूरत नहीं है। चाहे फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग हो, भजन गाना हो, गजल या फिर कव्वाली, उनका अंदाज सबसे जुदा होता है। भारतीय संगीत के इतिहास के सबसे पॉपुलर, सबसे महान और सबसे प्रभावशाली गायकों में एक किशोर दा की 04 अगस्त 2026 को जयंती है। साल 1929 में खंडवा (अब मध्य प्रदेश) में पैदा हुए आभास कुमार गांगुली उर्फ किशोर कुमार अपने गीतों को 'योडलिंग' और अलग-अलग आवाजों में गाने की क्षमता के लिए जाने जाते थे। उनके गाने तो सुपरहिट हैं ही, उन गानों की रिकॉर्डिंग और बनने के किस्से भी कम दिलस्प नहीं है। आज हम किशोर दा के एक ऐसे ही मस्त मिजाज रिकॉर्डिंग की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आपको भी हंसी आ जाएगी। उस दिन रिकॉर्डिंग रूप में भी बप्पी दा से लेकर आशा भोसले तक, सब हैरान थे कि किशोर दा ये क्या कर रहे हैं।
हिंदी सिनेमा के सबसे सेलिब्रेटेड सिंगर किशोर दा ने 8 बार बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। जबकि 28 बार नॉमिनेशन पाया था। यह बॉलीवुड के इतिहास में इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने और नॉमिनेट होने का रिकॉर्ड है। उन्हें 1985 में मध्य प्रदेश सरकार ने लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जबकि उनकी याद में 1997 में, मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए 'किशोर कुमार पुरस्कार' शुरू किया।
हिंदी सिनेमा के सबसे सेलिब्रेटेड सिंगर किशोर दा ने 8 बार बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। जबकि 28 बार नॉमिनेशन पाया था। यह बॉलीवुड के इतिहास में इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने और नॉमिनेट होने का रिकॉर्ड है। उन्हें 1985 में मध्य प्रदेश सरकार ने लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जबकि उनकी याद में 1997 में, मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए 'किशोर कुमार पुरस्कार' शुरू किया।
