संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री के मामले पर सियासत तेज हो गई है। बीजेपी विपक्ष को घेर रही है। वहीं, विपक्ष के सांसदों ने गुरुवार को पुरानी संसद से विजय चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान खड़गे ने कहा कि सरकार संसद सुरक्षा चूक पर जवाब दे। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह संसद में आकर इस मामले पर बयान दें।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि संसद से विपक्ष के सांसदों का निलंबन ठीक नहीं है। हालांकि, उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इस बीच, लोकसभा और राज्यसभा में गुरुवार को भी हंगामा हुआ। आज भी कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल में ही विपक्ष के कुछ सांसद नारेबाजी करते दिखे।
कांग्रेस ने कहा- कल विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगा
I.N.D.I.A के सांसदों को लोकतांत्रिक तरीके से निलंबित किए जाने के खिलाफ कांग्रेस ने 22 दिसंबर को सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे।
खड़गे ने कहा कि पीएम वाराणसी, अहमदाबाद जा रहे हैं, वे हर जगह बोल रहे हैं, संसद में सुरक्षा चूक पर नहीं बोल रहे। गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद के सिक्योरिटी लेप्स पर कुछ नहीं कहा। हम इसकी निंदा करते हैं। सरकार सदन नहीं चलने देना चाह रही है। विपक्ष की आवाज दबा रही है। संसद में बोलना हमारा अधिकार है। सभापति मामले को जातिगत रंग दे रहे हैं।
शरद पवार ने कहा कि सदन में जो हुआ, वो इतिहास में कभी नहीं हुआ। जो लोग सदन में घुसे, वो किसकी मदद से आए। सुरक्षा में चूक पर चर्चा क्यों नहीं हो रही? चर्चा कराने की बजाय सांसदों को सस्पेंड कर दिया। सभापति की मिमिक्री पर पवार ने कहा कि ये सदन के अंदर का नहीं, बाहर का मामला है।
संसद से अब तक 143 सांसद सस्पेंड
20 दिसंबर को लोकसभा से 2 और सांसदों को निलंबित किया गया था। अब तक 143 सांसद निलंबित किए जा चुके हैं। इनमें 109 लोकसभा और 34 राज्यसभा के हैं।
इन सांसदों के संसद में दाखिल होने पर रोक है। 20 दिसंबर की कार्यवाही में लोकसभा में विपक्ष के 98 सांसदों और राज्यसभा में 94 सांसदों ने भाग लिया। विपक्ष का आरोप है कि सांसदों को सस्पेंड करके भाजपा सभी बिल बिना बहस के पास कराना चाहती है।
संसद के शीतकालीन सत्र के सिर्फ दो बचे हैं। 4 दिसंबर से शुरू हुए सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही 22 दिसंबर को होगी।
किस-किस तारीख को कितने सांसद निलंबित हुए
I.N.D.I.A के सांसदों को लोकतांत्रिक तरीके से निलंबित किए जाने के खिलाफ कांग्रेस ने 22 दिसंबर को सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे।
खड़गे ने कहा कि पीएम वाराणसी, अहमदाबाद जा रहे हैं, वे हर जगह बोल रहे हैं, संसद में सुरक्षा चूक पर नहीं बोल रहे। गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद के सिक्योरिटी लेप्स पर कुछ नहीं कहा। हम इसकी निंदा करते हैं। सरकार सदन नहीं चलने देना चाह रही है। विपक्ष की आवाज दबा रही है। संसद में बोलना हमारा अधिकार है। सभापति मामले को जातिगत रंग दे रहे हैं।
शरद पवार ने कहा कि सदन में जो हुआ, वो इतिहास में कभी नहीं हुआ। जो लोग सदन में घुसे, वो किसकी मदद से आए। सुरक्षा में चूक पर चर्चा क्यों नहीं हो रही? चर्चा कराने की बजाय सांसदों को सस्पेंड कर दिया। सभापति की मिमिक्री पर पवार ने कहा कि ये सदन के अंदर का नहीं, बाहर का मामला है।
संसद से अब तक 143 सांसद सस्पेंड
20 दिसंबर को लोकसभा से 2 और सांसदों को निलंबित किया गया था। अब तक 143 सांसद निलंबित किए जा चुके हैं। इनमें 109 लोकसभा और 34 राज्यसभा के हैं।
इन सांसदों के संसद में दाखिल होने पर रोक है। 20 दिसंबर की कार्यवाही में लोकसभा में विपक्ष के 98 सांसदों और राज्यसभा में 94 सांसदों ने भाग लिया। विपक्ष का आरोप है कि सांसदों को सस्पेंड करके भाजपा सभी बिल बिना बहस के पास कराना चाहती है।
संसद के शीतकालीन सत्र के सिर्फ दो बचे हैं। 4 दिसंबर से शुरू हुए सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही 22 दिसंबर को होगी।
19 दिसंबर को संसद से सांसदों को निलंबन को लेकर विपक्षी दल मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान श्रीरामपुर से TMC सांसद कल्याण बनर्जी राज्यसभा के सभापति धनखड़ की मिमिक्री कर रहे थे। उन्होंने करीब 5 मिनट मजाक उड़ाया।
उनकी मिमिक्री पर वहां मौजूद सांसद ठहाके लगा रहे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस घटना का वीडियो बना रहे थे। भाजपा ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे लोगों का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धनखड़ ने भी सदन में कांग्रेस दिग्विजय सिंह से कहा था कि कहीं तो बख्श दो।











