केरल हाईकोर्ट ने सोमवार (15 जनवरी) को वर्किंग महिलाओं का तबादला करते समय संस्थानों को सहानुभूति दिखाने को कहा है। जस्टिस एएम मुश्ताक और जस्टिस शोबा अन्नम्मा ईपेन की पीठ ने कहा- वर्किंग महिलाएं घर-परिवार संभालती हैं। वे अपने बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करती हैं। नई जगह पर तबादला होने से उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कोर्ट ने कहा- नई जगह पर ट्रांसफर होने से महिलाओं को परिवार और वर्क लाइफ बैलेंस करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें नए सोशल नेटवर्क और सपोर्ट सिस्टम को लेकर स्ट्रेस होता है। उन्हें कैरियर के प्रोग्रेस में रुकावट का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में हायर करने वाले व्यक्ति या संस्था को महिलाओं के प्रति संवेदना रखनी चाहिए।
जानिए पूरा मामला...
दरअसल, दो महिला डॉक्टरों ने अपने ट्रांसफर के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इनका एर्नाकुलम के एंप्लॉय स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन हॉस्पिटल से कोल्लम के एंप्लॉय स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन हॉस्पिटल में ट्रांसफर किया गया था। दोनों महिलाओं ने इससे पहले ट्रिब्यूनल में अपने ट्रांसफर ऑर्डर को चुनौती दी थी। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
दोनों महिलाओं ने कहा था कि उन्हें अपने बच्चों और बुजुर्ग मां-बाप की देखभाल करनी होती है। इनमें एक महिला डॉक्टर गायनोकॉलोजिस्ट हैं। उनके 17 और 6 साल के दो बच्चे हैं, जिन्हें अस्थमा है। बड़ा बेटा 11वीं का स्टूडेंट है। महिला डॉक्टर पर उनकी 89 साल की मां की देखभाल की जिम्मेदारी भी है।
दूसरी महिला डॉक्टर जनरल सर्जन हैं। उनका 7 साल का बच्चा है और उनके पति बेंगलुरु में काम करते हैं। उनकी मां वर्टिगो से पीड़ित है और उन्हें हर समय देखभाल की जरूरत पड़ती है।
कोर्ट ने कहा- ट्रांसफर से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी
कोर्ट ने कहा कि दोनों महिलाओं पर अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी है, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। दोनों के पति भी दूसरे जगहों पर काम कर रहे हैं और उनका अपनी पत्नियों के साथ रहना संभव नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि महिलाओं के ट्रांसफर से उनके बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। मिड सेशन में बच्चों को एडमिशन मिलना मुश्किल होगा।
कोर्ट ने कहा कि कामकाजी महिलाएं अपने घरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए उनका ट्रांसफर ऑर्डर जारी करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।











