गांगुली ने कहा, 'काश कुलदीप मैनचेस्टर में, लॉर्ड्स में और बर्मिंघम में भी खेलते क्योंकि बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी के बिना टेस्ट के चौथे और पांचवें दिन टीमों को आउट करना मुश्किल होता।' गांगुली ने मैनचेस्टर टेस्ट का उदाहरण दिया, जहां भारत खेलकल मैच ड्रॉ करा दिया।
उन्होंने कहा, 'आपने देखा कि इंग्लैंड के साथ क्या हुआ जब भारत ने एक ऐसी पिच पर बल्लेबाजी की जहां थोड़ा टर्न नहीं रहा था, लेकिन एक भी अच्छा स्पिनर नहीं था इसलिए इंग्लैंड 20 विकेट नहीं ले सका। इसलिए मुझे लगता है कि कुलदीप ऐसे खिलाड़ी है जिन्हें भारत भविष्य में खिलाने पर विचार करता रहेगा।'
उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम ऐसे खिलाड़ियों को विदेश में अधिक महत्व देती है, जो गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी भी कर सकें। यही वजह है कि प्लेइंग-11 में वाशिंगटन सुंदर खेल रहे हैं, जबकि कुलदीप यादव को बाहर बैठना पड़ा है। कुलदप ऐसे गेंदबाजी माने जाते हैं, जो किसी भी मैदान पर विपक्षी टीम को बर्बाद कर सकते हैं।











