बंगाल की खाड़ी-हिंद महासागर तक कनेक्टिविटी
जापान के उप विदेश मंत्री होरी इवाओ ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश पूर्वोत्तर भारत को बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर तक कनेक्टिविटी दिलाने में मदद करने के लिए तैयार है। मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में एक फॉरन पॉलिसी कॉनक्लेव (सिक्स्थ इंडिया-जापान इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव) में उन्होंने यह बात कही। इसका आयोजन शिलॉन्ग के एक फॉरन पॉलिसी थिंक टैंक एशियन कॉन्फ्लूएंस ने किया।दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार कहलाता है पूर्वोत्तर
होरी के अनुसार, 'जापान नॉर्थईस्ट इंडिया से बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर तक कनेक्टिविटी लिंकिंग में सपोर्ट करेगा। पूर्वोत्तर भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के तौर पर एक महत्वपूर्ण जियोपॉलिटिकल स्थान पर है।' उनके अनुसार पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए जापान पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।'पूर्वोत्तरी राज्य बन सकेंगे विकास के शक्तिशाली इंजन'
बता दें कि जापान उस क्वाड (Quad) का भी सदस्य है, जिसमें उसके अलावा भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी सदस्य हैं, जिनका खास फोकस हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपसी हितों को मजबूत करने के लिए काम करना है। इवाओ के मुताबिक, पूर्वोत्तरी राज्यों को जब दक्षिण-पूर्व एशिया, बांग्लादेश और नेपाल के साथ वाले ग्रिड के साथ तालमेल बिठाया जाएगा, तो ये 'विकास के एक शक्तिशाली इंजन' के रूप में काम कर सकते हैं।जापानी मंत्री के अनुसार 'इस क्षेत्र को जब हम नेपाल, भारत, भूटान, बांग्लादेश और दक्षिण पूर्व एशिया को मिलाकर एक बड़े आर्थिक भू-भाग के रूप में देखते हैं, तो यह इसमें विकास के शक्तिशाली इंजन के तौर पर काम आने वाली महत्वपूर्ण क्षमता नजर आती है।'











