वल्ला की रिपोर्ट के मुताबिक उनके शवों को सुरंगों के खंडहरों से निकाला गया। इसका यह मतलब हो सकता है कि पहली बार IDF ने सुरंग के अंदर आतंकियों का खात्मा किया है। अल कासिम ब्रिगेड ने कहा कि घंडौर उसकी मिलिट्री काउंसिल का सदस्य और उत्तरी कमांड का कमांडर था। अल घंडौर कम से कम 18 साल से अपने पद पर था और संगठन के शीर्ष का एक प्रमुख व्यक्ति था। यह इजरायलियों के खिलाफ किए कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार था।
आसमान में आज दिखाई देगा बीवर मून, आखिर क्या है इसका मतलब, चंद्र ग्रहण से कैसे है अलग?
तेल अवीव: इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम चल रहा है। लेकिन युद्धविराम से पहले के 48 दिनों में इजरायल ने जमकर हमास पर कहर बरपाया। इजरायल ने हमास के कई बड़े कमांडरों को ढेर कर दिया है। हमास ने रविवार को पुष्टि की है कि IDF ने उसके उत्तरी ब्रिगेड के कमांडर अहमद अल घंडौर और उसके रॉकेट डिवीजन के कमांडर अयमान सियाम को मार डाला। हमास की मिलिट्री विंग ने कहा कि कुल पांच वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। शुक्रवार की सुबह युद्धविराम शुरू होने से पहले टार्गेट कर इनकी हत्या की गई।
अमेरिका ने घोषित किया था आतंकी
अल कासिम ब्रिगेड ने बयान में कहा, 'हम प्रतिज्ञा करते हैं कि उनका रास्ता जारी रखेंगे और उनका खून मुजाहिदीन के लिए रोशनी और कब्जा करने वालों के लिए आग होगी।' ब्रिगेड ने बयान में सीधे तौर पर उनकी मौत का जिक्र नहीं किया। घंडौर को अबू अनस के नाम से जाना जाता था। इसे अमेरिका ने 2017 में विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी घोषित किया था। उसे आर्थिक प्रतिबंधों वाली ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया था।
कई हमलों में रहा है शामिल
घंडौर कई आतंकी हमलों में शामिल था। वह केरेम शालोम बॉर्डर पोस्ट पर इजरायली चौकी पर हमले के लिए जिम्मेदार है। इस हमले में दो इजरायली सैनिक मारे गए और चार घायल हुए। हमले के कारण इजरायली सैनिक गिलाद शालित का अपहरण हो गया। पांच साल तक इस सैनिक को रखा गया और फिर 2011 में 1027 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले छोड़ दिया गया। अयमान सियाम की बात करें तो वह हत्या के कई प्रयासों से पहले बच चुका है। 2009 और 2014 में उसे बम से उड़ाने की कोशिश हुई थी, लेकिन किस्मत उसके साथ थी। वह हमास की आर्टिलरी यूनिट का कमांडर रहा है।











