'लादेन' की शर्त मानने को मजबूर हुआ इजरायल, हमास से बंधकों को लाने के लिए क्या-क्या करेंगे नेतन्याहू?

'लादेन' की शर्त मानने को मजबूर हुआ इजरायल, हमास से बंधकों को लाने के लिए क्या-क्या करेंगे नेतन्याहू?
तेल अवीव: इजरायल और हमास के युद्ध को डेढ़ महीने हो गए हैं। इस दौरान दोनों के बीच समझौता होता दिख रहा है। बुधवार की सुबह इजरायली कैबिनेट ने हमास के साथ डील को मंजूरी दे दी है। इजरायल अपने बंधकों को छुड़ाने के लिए कई तरह की शर्तों पर सहमत हो गया है। हमास के नेता याह्या सिनवार की ओर से रखी गई शर्त को भी इजरायल मानने को तैयार हो गया है। इस शर्त के मुताबिक युद्धविराम के हर दिन छह घंटे के लिए गाजा हवाई क्षेत्र में इजरायली ड्रोन नहीं उड़ेंगे। इसका कारण है कि इजरायल बंधकों की लोकेशन न जान सके।

शर्त के कार्यान्वयन को एक इजरायली अधिकारी ने संबोधित किया था। IDF और शिन बेट की ओर से दिए गए बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि युद्धविराम के दौरान भी इजरायल को खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का अधिकार है। अधिकारी ने कहा, 'युद्धविराम के दौरान हमारी आंखें नहीं बंद होंगी। हमें पता चलता रहेगा कि जमीन पर क्या हो रहा है।' डील के मुताबिक 50 इजरायली बंधकों को रिहा किया जाएगा। इसके बदले में चार दिनों का सीजफायर होगा। अगर हमास हर रोज 10 और लोगों को छोड़ता है तो सीजफायर एक-एक दिन बढ़ता रहेगा।

चार दिनों का सीजफायर

हमास की कैद से 50 बंधकों को छुड़ाने से जुड़ी डील को इजरायली कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। 7 अक्टूबर को जब इजरायल पर हमास ने हमला किया था तब उसने 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया। इन लोगों को गाजा ले जाया गया था, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इस समझौते से सभी डिटेल सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक हर रोज 12-13 लोगों को हमास की ओर से रिहा किया जाएगा। इसके बदले में इजरायल की ओर से चार दिनों का सीजफायर होगा।

हमास से जारी रहेगी जंग

इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, 'इजरायली सरकार का लक्ष्य सभी बंधकों को वापस लाना है। चार दिनों तक लड़ाई पूरी तरह बंद रहेगी। इजरायली सरकार, IDF और सिक्योरिटी फोर्स हमास के खात्मे तक युद्ध जारी रखेंगी। इस बात की पुष्टि की जाएगी कि गाजा किसी भी तरह का खतरा न बने।' गाजा में ईंधन ले जाने की इजाजत भी इजरायल ने दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल की जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों को भी छोड़ा जाएगा।

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