एटीएस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों ने गौरव से संपर्क किया और उसे शादी और नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने उसे नमाज पढ़ने के तरीके और इस्लाम के अन्य पहलू भी सिखाए और उसका धर्म परिवर्तन कराया। एटीएस ने सहारनपुर के सदर बाजार थाने में भारतीय दंड विधान और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म संपरिवर्तन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जांच की जा रही है।
नाजिम हसन उर्फ राशिद ने पूछताछ में बताया कि उसका पीड़ित से शुगर की दवाई देने को लेकर परिचय हुआ था। इसके बाद उसका नाजिम का पीड़ित के घर पर आना-जाना शुरू हो गया था। उसने पीड़ित के बेटे को इस्लाम धर्म के बारे में समझाकर उसे इस्लाम धर्म अपनाने के लिए उकसाया था। साथ ही नाजिम हसन उर्फ राशिद द्वारा पीड़ित के बेटे को नमाज पढ़ना, रोज़ा रखना समेत कई कार्य सिखाए गए।
आरोपी नाजिम हसन पीड़ित के बेटे को मदरसे में बुलाकर इस्लाम को दुनिया का सबसे अच्छा धर्म बताता था। साथ ही अन्य धर्मों को गलत बताकर, उसमें भय व्याप्त करने का काम भी करता था। इसके साथ ही बहलाकर जॉब और निकाह कराने का लालच देकर हिन्दू से मुस्लिम धर्म अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
आरोपी नाजिम हसन पीड़ित के बेटे को मदरसे में बुलाकर इस्लाम को दुनिया का सबसे अच्छा धर्म बताता था। साथ ही अन्य धर्मों को गलत बताकर, उसमें भय व्याप्त करने का काम भी करता था। इसके साथ ही बहलाकर जॉब और निकाह कराने का लालच देकर हिन्दू से मुस्लिम धर्म अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।











