दुनियाभर में आने-जाने वाले कार्गो जहाजों पर नजर रखने विशेषज्ञ फिनले रिचर्डसन का दावा है कि इस पूरी डील में गुजरात कनेक्शन प्रमुखता से शामिल है। उन्होंने ट्वीट किया, 'पाकिस्तान को 1 लाख टन रूसी तेल का पहला समझौता हुआ था। 45 हजार टन तेल का पहला कार्गो जहाज 11 जून को कराची पोर्ट पर पहुंच गया है। इस तेल को टैंकर जहाज प्योर प्वाइंट लेकर पहुंचा है। यह जहाज यूएई में रजिस्टर कंपनी का है। रोचक बात यह है कि यूएई यूक्रेन युद्ध के बीच में अभी रूसी ऊर्जा कंपनियों का पसंदीदा ठिकाना बनकर उभरा है। रूसी कंपनियों ने देश के बाहर यूएई में अपना ऑफिस खोला है।'
गुजरात के वादिनार रिफाइनरी में रूसी हिस्सेदारी
फिनले रिचर्डसन ने कहा कि प्योर प्वाइंट जहाज को ओमान के जलक्षेत्र में 6-8 जून को लोड किया गया था। उन्होंने कहा कि यह रूसी तेल का कार्गो जहाज रूस से पहले ईरान पहुंचा, ईरान से ओमान, ओमान से भारत में गुजरात पहुंचा जहां इसे रिफाइन किया गया। इसके बाद यह तेल यूएई पहुंचा और वहां से इसे फिर पाकिस्तान भेज दिया गया। दावा किया जा रहा है कि यह कार्गो भारत में गुजरात के वादिनार रिफाइनरी पहुंचा था जहां इसे रिफाइन किया गया। इस रिफाइनरी को नायरा एनर्जी लिमिटेड चलाती है जिसमें रूसी की दिग्गज ऊर्जा कंपनी रोसनेफ्ट की 49.13 फीसदी हिस्सेदारी है।वादिनार रिफाइनरी भारत की एक ही जगह पर दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी है जो पहले एस्सार ऑयल के पास थी। यह हर दिन 405,000 बैरल तेल को रिफाइन करने की क्षमता रखती है। अब पाकिस्तान को लेकर निकला दूसरा रूसी जहाज भी वादिनार पहुंचने वाला है। इसमें करीब 55 हजार मिट्रिक टन तेल लदा है। यह जहाज रूस से नहीं बल्कि ग्रीस से चला है। फिनले रिचर्डसन ने कहा कि इस दूसरे जहाज का स्वामित्व भारत की गतिक शिप मैनेजमेंट के पास है जो पिछले दिनों भारत में रूसी तेल को लाने को लेकर चर्चा में है।
भारत कर रहा पाकिस्तानी तेल पर कमाई !
पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के जानकार और पत्रकार वकास ने दावा किया है कि भारत इस डील से 17 डॉलर प्रति बैरल की कमाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि रूस ने यह तेल पहले भारत को 52 डॉलर प्रति बैरल में बेचा था। इसके बाद जब यह यूएई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचा तो उसकी कीमत 69 डॉलर प्रति बैरल हो गई। उन्होंने दावा किया कि भारत और यूएई के बिचौलिए इस तरह से पाकिस्तान के खरीदे रूसी तेल से कई डॉलर प्रति बैरल की कमाई कर रहे हैं। इस पूरे विवाद पर अभी न तो रूस और नहीं पाकिस्तान ने कोई आधिकारिक बयान दिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे व्यापार बंद है और इसी वजह से तेल डील पर ज्यादा सवाल उठ रहे हैं।











