ले पेरिसियन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि बेरूत पर हवाई हमले से कुछ घंटे पहले ईरानी जासूस ने इजरायली सेना को ये बताया था कि हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्ला कहां जा रहा है और कितनी देर रुकेगा। यही जानकारी इजरायली सेना के लिए नसरल्लाह को मारने के ऑपरेशन की कामयाबी का आधार बनी।
इजरायल के पास पहले से नहीं थी नसरल्लाह की लोकेशन
रिपोर्ट में कहा है कि नसरल्लाह के साथ ईरान के कुद्स बल के डिप्टी कमांडर अब्बास निलफोरुशान भी पहुंचे थे। इनकी एक अहम बैठक होनी थी, जिसमें नसरल्लाह और निलफोरुशान के साथ हिजबुल्लाह के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।
इजरायल ने हिजबुल्लाह से लड़ाई में जासूसों को बनाया हथियार
इजरायल ने हालिया वर्षों में हिजबुल्लाह के नेतृत्व और गुट की रणनीति के बारे में जानकारी जुटाने के लिए बहुत सारे संसाधन इस्तेमाल किए हैं, जिससे ना सिर्फ जानकारी मिले बल्कि तुरंत सैनिकों और वायु सेना तक भी पहुंचाई जा सके। इजरायल ने खुफिया ऑपरेशन के जरिए ही लेबनान में पेजर ब्लास्ट को भी अंजाम दिया था। इसने लेबनानी गुट का संचार नेटवर्क खत्म कर दिया था।











