द सन की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल की शुरुआत ईरान पर अधिकतम दबाव डालकर करेंगे और इजरायल के हाथों को मजबूत करना जारी रखेंगे। कुछ इजरायली अधिकारियों का भी मानना है कि ट्रंप ऐसे मध्य पूर्व के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति होंगे, जो पूरी तरह से युद्ध के कगार पर है। उनके पिछले कार्यकाल को देखते हुए उनसे तनाव के बीच स्थिरता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की उम्मीद है।
दुश्मनों को डराते हैं ट्रंप
मेंडोजा ने कहा कि ईरान को खासतौर पर ट्रंप के वॉइट हाउस में लौटने के बारे में बहुत सावधान रहना चाहिए। ट्रंप की वापसी ऐसे समय में हुई है, जब पिछले महीने ही इजरायल ने ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया था। इजरायल ने कहा कि वह ईरान और उसके सहयोगियों के किए गए लगातार हमलों के जवाब में ईरान में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले कर रहा है।
'ईरानी नेताओं को एक आंख खुली रखनी चाहिए'
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल के आखिरी दिनों में अमेरिकी सेना को ईरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख कासिम सुलेमानी को मारने का आदेश दिया था। उन्होंने सुन्नी अरब राज्यों के साथ संबंध बनाकर इजरायल की स्थिति को मजबूत बनाया, जो ईरान के लिए बहुत बुरी खबर थी। आगे भी संभावना नहीं है कि ट्रंप उस नीति से अलग हो जाएंगे।
इस बीच अमेरिकी न्याय विभाग ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश का खुलासा किया है। कोर्ट में न्याय विभाग ने बताया कि सितम्बर में ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के लिए एक शख्स को हायर किया था। हालांकि, ईरान ने हत्या की साजिश के आरोपों को 'निराधार और मनगढ़ंत' बताकर खारिज कर दिया है।











