इजरायल को हासिल नहीं हुआ लक्ष्य
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि जून में 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान इजरायल और ईरान अपने किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए। साथ ही दावा किया कि युद्धविराम का प्रस्ताव इजरायल की तरफ से आया था। अराघची ने कहा, हमने आखिरी समय तक हमले जारी रखे, जबकि उन्हें (इजरायल) लगा कि वे हमें 48 घंटों के भीतर रोक सकते हैं।इजरायल ने की युद्धविराम की मांग
ईरानी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 12 दिनों के बाद इजरायल ने ही बिना शर्त युद्धविराम का अनुरोध किया। चूंकि उनका अनुरोध बिना किसी शर्त के था, इसलिए हमने उसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इजरायल ईरान पर दोबारा हमला करता है तो ईरान एक और युद्ध के लिए तैयार है। इजरायल को और भी कड़ा जवाब मिलेगा।अराघची ने कहा कि 'इजरायल का सामना करने वालों को मजबूत होना चाहिए, आत्मसंतुष्ट नहीं।' उन्होंने इजरायल को किसी भी तरह की रियायत न देने की सलाह दी और दावा किया इससे नेतन्याहू की सरकार को भड़काऊ बयान देने के लिए ताकत मिलती है। अराघची ने इजरायल के साथ संबंध रखने वाले देशों से संबंधों को तोड़ने और व्यापार बंद करने का आह्वान किया। इसे गाजा का समर्थन करने के लिए एक व्यावहारिक कदम बताया।











