एक के बाद एक चार झापड़
टेलर ने अपनी किताब में लिखा है, '195 रन का पीछा करना था, मैं शून्य पर LBW आउट हो गया और हम करीब नहीं पहुंच पाए। बाद में टीम, सपोर्ट स्टाफ और मैनेजमेंट होटल की सबसे ऊपरी मंजिल पर बार में थे। लिज हर्ले वहां शेन वॉर्न के साथ थीं। इसी दौरान राजस्थान रॉयल्स के मालिकों में से एक ने मुझसे कहा, 'रॉस हमने डक पर आउट होने के लिए तुम्हें एक मिलियन डॉलर का भुगतान नहीं किया है और मेरे चेहरे पर तीन या चार बार थप्पड़ मारे। वह हंस रहा था। भले ही वह झापड़ जोर से नहीं मारे गए थे, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि यह पूरी तरह से नाटक था। मैं इसे मुद्दा नहीं बनाऊंगा, लेकिन मैं कई पेशेवर खेल परिवेशों में ऐसा होने की कल्पना नहीं कर सकता।'
2008 से लेकर 2014 तक खेला IPL
रॉस टेलर ने साल 2011 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 12 मैच में 119 की स्ट्राइक रेट से सिर्फ 181 रन बनाए थे, इसके बाद दिल्ली डेयरडेविल्स और पुणे वॉरियर्स इंडिया के लिए उन्होंने तीन सीजन और खेले। इस बारे में राजस्थान रॉयल्स की ओर से आजतक कोई प्रतिक्रिया या सफाई नहीं आई। 2008 से 2010 तक रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) में तीन साल बिताने के बाद, टेलर ने 2011 में राजस्थान रॉयल्स के लिए एक सीजन खेला था, तब उन्हें ऑक्शन में एक मिलियन अमरीकी डॉलर में खरीदा गया था। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में कुल 55 मैच खेले जिसमें सिर्फ 1017 रन ही बना पाए। 2014 उनका आखिरी सीजन साबित हुआ।
रॉस टेलर ने साल 2011 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 12 मैच में 119 की स्ट्राइक रेट से सिर्फ 181 रन बनाए थे, इसके बाद दिल्ली डेयरडेविल्स और पुणे वॉरियर्स इंडिया के लिए उन्होंने तीन सीजन और खेले। इस बारे में राजस्थान रॉयल्स की ओर से आजतक कोई प्रतिक्रिया या सफाई नहीं आई। 2008 से 2010 तक रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) में तीन साल बिताने के बाद, टेलर ने 2011 में राजस्थान रॉयल्स के लिए एक सीजन खेला था, तब उन्हें ऑक्शन में एक मिलियन अमरीकी डॉलर में खरीदा गया था। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में कुल 55 मैच खेले जिसमें सिर्फ 1017 रन ही बना पाए। 2014 उनका आखिरी सीजन साबित हुआ।
राजस्थान रॉयल्स का मालिक कौन है?2008 में खेले गए ओपनिंग सीजन में चैंपियन बनने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम का मालिकाना हक जयपुर आईपीएल क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड, जो कि व्यावसायिक संस्थाओं का एक संघ था। 2021 में ग्लोबल निवेशकों से पैसे लाकर मनोज बडाले ने अपनी हिस्सेदारी 32.5% से 65% तक बढ़ा ली और अब वह रॉयल्स फ्रैंचाइजी के प्रमुख मालिक बन गए है। इसके अलावा, रेडबर्ड कैपिटल पार्टनर्स ने रॉयल्स में 15% हिस्सेदारी खरीदी। एक समय था जब ट्रेस्को इंटरनेशनल लिमिटेड (सुरेश चेलाराम परिवार), ब्लू वॉटर एस्टेट लिमिटेड (लचलान मर्डोक), शेन वॉर्न, कुकी इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (राज कुंद्रा) के पास भी शेयर्स थे।











