बुधवार को पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने कहा है कि "भारतीय नेतृत्व सीमा पर हुई मई की झड़प के परिणामों को स्वीकार नहीं कर पा रहा और झूठे और बनावटी नैरेटिव के जरिए अपने राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रहा है।" आपको बता दें कि पाकिस्तान की सेना ने अपनी जनता को बताया है कि उसने मई संघर्ष में भारत को हरा दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान में रैलियां निकाली गईं थीं। लेकिन अब जैसे जैसे पाकिस्तानी अवाम को पता चल रहा है कि उनकी पिटाई कैसे की गई थी, तो अब पाकिस्तानी सेना कुछ से कुछ आरोप लगाकर अपना मुंह छिपा रही है।
पाकिस्तानी सेना के भारत पर आरोप
ISPR के बयान में कहा गया है कि "स्पष्ट रूप से, भारतीय नेतृत्व इतिहास को अपनी मर्जी से ढालने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए बेसिर-पैर की, बॉलीवुड-स्टाइल में स्क्रिप्ट तैयार की जा रही हैं।" बयान में आगे कहा गया कि भारतीय सेना और राजनीतिक नेतृत्व "मारका-ए-हक में अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और उनके झूठ अब पूरी तरह उजागर हो चुके हैं।" पाकिस्तान सेना ने कहा कि भारत बार-बार आतंकवाद के आरोप दोहरा रहा है जिन्हें पाकिस्तान पहले ही कई बार खारिज कर चुका है। इसके अलावा पाकिस्तान की सेना ने ये भी कहा कि "बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावों से पहले, भारतीय सैन्य नेतृत्व ने वही भ्रामक, मनगढ़ंत और भड़काऊ प्रचार करना शुरू कर दिया है जो वे भारत में हर राज्य के चुनावों से पहले दोहराते हैं।
ISPR के बयान में कहा गया है कि "स्पष्ट रूप से, भारतीय नेतृत्व इतिहास को अपनी मर्जी से ढालने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए बेसिर-पैर की, बॉलीवुड-स्टाइल में स्क्रिप्ट तैयार की जा रही हैं।" बयान में आगे कहा गया कि भारतीय सेना और राजनीतिक नेतृत्व "मारका-ए-हक में अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और उनके झूठ अब पूरी तरह उजागर हो चुके हैं।" पाकिस्तान सेना ने कहा कि भारत बार-बार आतंकवाद के आरोप दोहरा रहा है जिन्हें पाकिस्तान पहले ही कई बार खारिज कर चुका है। इसके अलावा पाकिस्तान की सेना ने ये भी कहा कि "बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावों से पहले, भारतीय सैन्य नेतृत्व ने वही भ्रामक, मनगढ़ंत और भड़काऊ प्रचार करना शुरू कर दिया है जो वे भारत में हर राज्य के चुनावों से पहले दोहराते हैं।











