शेख शखबूत बिन नाहयान ने विऑन के साथ इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की है। उन्होंने कहा कि यूएई और भारत एक बड़ी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप शेयर करते हैं, जो हिंद महासागर और अफ्रीका पर फोकस हो रही है। इसमें समुद्री सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग पर मजबूत तालमेल है। उन्होंने जयशंकर यूएई दौरे को बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
'ईरान ने सप्लाई चेन तोड़ी'
शेख शखबूत का कहना है, 'भारत ग्लोबल कोशिशों को सपोर्ट करने और होर्मुज स्ट्रेट जैसे समुद्री कॉरिडोर को खुला रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस समय की प्राथमिकता यह पक्का करना है कि होर्मुज बिना किसी रुकावट के खुला रहे। यह कॉरिडोर किसी एक देश (ईरान) का नहीं है। ईरान की ओर से बिना उकसावे के खाड़ी देशों पर हमलों ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट और सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।'यूएई के मंत्री ने कहा कि एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने वाले एक ग्लोबल हब के तौर पर संयुक्त अरब अमीरात ने हिंद महासागर में पोर्ट और लॉजिस्टिक्स में बड़े निवेश के साथ अपने वादे को पूरा किया है। यूएई अपनी भूमिका को स्थिरता, मजबूती और साझा खुशहाली को बढ़ावा देने में एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर अपनी भूमिका देखता है।
'भारत से यूएई का रिश्ता अहम'
हिंद महासागर और अफ्रीका में भारत के साथ रिश्ते पर शेख शखबूत बिन नाहयान अल नाहयान ने कहा, 'यूएई और भारत के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसका फोकस हिंद महासागर और अफ्रीका पर ज्यादा है। इसमें समुद्री सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग पर दोनों देशों के विचार पूरी तरह से मेल खाते हैं।'शखबूत ने कहा कि यूएई और भारत के बीच हालिया समय में लगातार उच्च-स्तरीय संपर्क हुआ है। इसमें राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की कुछ समय पहले हुई भारत यात्रा शामिल है। इसके अलावा हाल ही में डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर के दौरे ने भी दोनों देशों के संबंधों को और बेहतर किया है।











