भारत ने बनाया पाकिस्तानी हंगोर का काल, अब समुद्र में दुश्मन की पनडुब्बियों का SMART से बचना नामुमकिन

भारत ने बनाया पाकिस्तानी हंगोर का काल, अब समुद्र में दुश्मन की पनडुब्बियों का SMART से बचना नामुमकिन
इस्लामाबाद: भारत ने बुधवार को सुपरसोनिक मिसाइल-असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो (स्मार्ट) सिस्टम का परीक्षण किया। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बताया कि स्मार्ट मिसाइल प्रणाली 500 किमी से अधिक दूर दुश्मन की पनडुब्बियों पर हमला करने में सक्षम है। डीआरडीओ ने भारतीय नौसेना के लिए 2018 में स्मार्ट मिसाइल सिस्टम को बनाना शुरू किया था। इसे पाकिस्तान की हंगोर क्लास की पनडुब्बियों का काल माना जा रहा है। पाकिस्तान को चीन से हंगोर क्लास की पहली पनडुब्बी मिलने वाली है। यह पनडुब्बी एआईपी सिस्टम से लैस है, जिसे अपनी बैटरियों को चार्ज करने के लिए सतह पर आने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे में इस पनडुब्बी को 500 किमी की रेंज में कहीं भी भारत के स्मार्ट मिसाइल सिस्टम की मदद से निशाना बनाया जा सकेगा।

SMART मिसाइल सिस्टम कब काम आएगा

स्मार्ट मिसाइल सिस्टम तब काम में आएगा जब कोई उपग्रह या गैर-लड़ाकू खुफिया, निगरानी और टोही प्रणाली जैसे मानव रहित हवाई वाहन, दुश्मन की पनडुब्बी का पता लगाएगा। अगर उस वक्त उक्त जगह पर भारत का कोई युद्धपोत, पनडुब्बी या पी-8आई पोसाइडन जैसा एंटी सबमरीन वारफेयर में माहिर जहाज नहीं होता है तो स्मार्ट मिसाइल सिस्टम की मदद से हमला किया जाएगा। वर्तमान में, भारतीय नौसेना पनडुब्बी, जहाज या हेलीकॉप्टर से टॉरपीडो लॉन्च कर सकती है लेकिन इनकी गति सीमित होती है और इनकी सीमा केवल 20 से 40 किमी तक होती है। ऐसे में टॉरपीडो को ले जा रही मिसाइल उसे हमले वाली जगह तक आसानी से पहुंचा देगी।
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