7 अक्टूबर को हमास के हमले में 1,200 इजरायलियों का मौत के बाद से इजरायल के गाजा में हमले जारी हैं। लड़ाई के छह महीने बाद इजरायली सैनिक दक्षिणी गाजा से वापस आ गए हैं। यह अप्रत्याशित कदम कथित तौर पर युद्धविराम समझौते से जुड़ा है, जिसकी मांग हजारों इजरायली भी कर रहे थे। इस फैसले का इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेनगविर ने ही कड़ी आलोचना की है और नेतन्याहू से राफा में नए सिरे से जमीनी हमला शुरू करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सैनिकों की वापसी फैसले के बाद नेतन्याहू पीएम पद पर नहीं रह पाएंगे। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री अगर हमास को हराने के लिए राफा में बड़े पैमाने पर हमले के बिना युद्ध समाप्त करने का निर्णय लेते हैं तो उनके पास पीएम के तौर पर काम करना जारी रखने का जनादेश नहीं होगा।'
वित्त मंत्री ने भी दिया बयान
इजरायल के वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने कहा कि इस फैसले से इजरायल की जीत की संभावना पर असर पड़ा है। स्मोट्रिच ने कहा, 'अहम फैसले लेने के लिए अधिकृत एकमात्र मंच सुरक्षा कैबिनेट है लेकिन दुर्भाग्य से चीजें इस तरह नहीं हो रही हैं। हम देख रहे हैं कि कैबिनेट में बिना मंजूरी के फैसले लिए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव में युद्ध की गति कम करके हमारे हितों का नुकसान किया जा रहा है।'रिपोर्ट के मुताबिक, बीते हफ्ते गाजा में छह विदेशी सहायता कर्मियों और उनके फिलिस्तीनी ड्राइवर की मौत ने इजरायल के लिए चीजों को काफी बदला है। वहीं बंधकों की रिहाई के लिए भी प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं। इजरायली नागरिक अपने लोगों की रिहाई की मांग और युद्धविराम समझौते पर पहुंचने के लिए दबाव डालने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते सप्ताहांत भी यरूशलम में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
इस सबके बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी गाजा के रफाह शहर में हमले तेज करने की बात कही है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल रफाह में जमीनी बलों को भेजेगा क्योंकि यह हमास का आखिरी गढ़ है। नेतन्याहू ने सोमवार को एक वीडियो बयान में कहा कि जीत के लिए रफाह का अभियान आवश्यक है।











