सिविल एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंबई एयरपोर्ट के टारमैक पर डिनर करने की घटना को शर्मनाक बताया है। गुरुवार (18 जनवरी) को उन्होंने कहा- मैं सोच भी नहीं सकता कि ऐसा क्यों हुआ। ऐसी घटना स्वीकार नहीं थी, इसलिए इंडिगो और मुंबई एयरपोर्ट पर भारी जुर्माना लगाना जरूरी हो गया था।
दरअसल, 14 जनवरी को इंडिगो की गोवा से दिल्ली जा रही फ्लाइट 6E2195 12 घंटे लेट उड़ान भरने के बाद मुंबई डायवर्ट कर दी गई थी। फ्लाइट की देरी से पैसेंजर्स नाराज थे। मुंबई एयरपोर्ट पर वे फ्लाइट से उतरे और टारमैक पर बैठ गए। जमीन पर बैठकर पैसेंजर्स ने डिनर किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
इसके चलते ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने इंडिगो पर 1.20 करोड़ और मुंबई एयरपोर्ट पर 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। सिंधिया ने कहा- घटना की जानकारी लगते ही आधी रात को मंत्रालय में अधिकारियों की मीटिंग बुलाई गई थी। इसके बाद जरूरी नोटिस जारी किए गए और 24 घंटे के अंदर ही भारी जुर्माना लगाया गया।
सिंधिया ने बताई फ्लाइट्स लेट होने की वजह
हाल के दिनों में घंटों फ्लाइट्स होने को लेकर सिंधिया ने कहा- कोहरे के कारण जीरो विजिबिलिटी में आम रनवे के साथ CAT-3 रनवे पर भी टेकऑफ- लैंडिंग करना मुश्किल होता है। फ्लाइट का समय पर उड़ान भरना रनवे की क्षमता, एयरक्राफ्ट की क्षमता और एयरपोर्ट पर मौजूद ह्यूमन रिसोर्स पर निर्भर करता है।
सिंधिया ने कहा कि एविएशन सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पैसेंजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में उन्हें मिलने वाली सुविधाएं भी वर्ल्ड क्लास होनी चाहिए। हालांकि, कोहरे की स्थिति को कंट्रोल करना हमारे हाथ में नहीं है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।
क्या होता है टारमैक, जहां बैठे थे यात्री?
एयरपोर्ट पर जिस जगह सामान की लोडिंग और अनलोडिंग होती है, उसे टारमैक कहा जाता है। यह रनवे का हिस्सा ही होता है। यहां पैसेंजर्स की मौजूदगी सुरक्षा में चूक का मामला माना जाता है, क्योंकि इसके पास रनवे पर विमान टेक-ऑफ और लैंड करता है।
फ्लाइट लेट होने पर SOP जारी की गई
फ्लाइट्स लेट होने के बीते दिनों कई घटनाएं हुईं। मुंबई एयरपोर्ट की इस घटना के अलावा दिल्ली एयरपोर्ट पर भी एक घटना हुई, जिसमें गुस्साए पैसेंजर ने पायलट को थप्पड़ मार दिया ता। विवाद बढ़ने के बाद मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोटोकॉल (SOP) जारी की।











