ओपी चौधरी ने बताया इस एपिसोड में मोदी ने योग दिवस, इमरजेंसी, स्पोर्ट्स, 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान और प्रकृति संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा बिपरजॉय तूफान के दौरान कच्छ के लोगों की हिम्मत की सराहना करते हुए एकजुटता की तारीफ की। कच्छ में आए बिपरजॉय तूफान ने तबाही मचाई, लेकिन जिस हिम्मत और तैयारी के साथ कच्छ के लोगों ने इस खतरनाक चक्रवात का मुकाबला किया। उसे मोदी ने अभूतपूर्व बताया। आपदा प्रबंधन में भारत द्वारा विकसित की गई ताकत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा। पीएम ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का जोर नहीं होता, लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत ने आपदा प्रबंधन की जो ताकत विकसित की है, वो देश दुनिया के लिए मिशाल बन रही है। प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला करने हेतु प्रकृति संरक्षण सुझाव भी उन्होंने दिया। नदी, नहर, सरोवर सिर्फ जल-स्त्रोत नहीं होते हैं, बल्कि इन्हे जीवन के रंग और भावनाओ से जुड़ा बताया। ‘कैच द रेन’ जैसे अभियानों के जरिए सामूहिक प्रयासो पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 25 जून काला दिवस की चर्चा करते हुए कहा इस दिन इमरजेंसी थोप कर देश के लोकतंत्र को कमजोर किया गया। लोकतंत्र में संविधान सर्वोपरि है। देश आजादी का अमृत महोत्सव बना रहा लोकतांत्रिक आजादी व मूल्यों को समझने के लिए यूवाओ को 25 जून को थोपे गए आपातकाल के अध्याय को भी देखना होगा।
योग दिवस की चर्चा करते हुए कहा वसुधैव कुटुंबकम यानि ‘एक विश्व-एक परिवार’ के रूप में सबके कल्याण के लिए योग है। यह योग की उस भावना को व्यक्त करता है, जो सबको जोड़ने वाली और साथ लेकर चलने वाली है। 20 जून को होने वाले ऐतिहासिक रथयात्रा का का जिक्र करते हुए रथयात्रा को पूरी दुनिया के लिए एक विशिष्ट पहचान बताया ।रथयात्राओं में जिस तरह देश भर के हर समाज, हर वर्ग के लोग उमड़ते हैं, वो अपने आपमें बहुत अनुकरणीय है। यह आस्था 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का प्रतिबिम्ब है। ओपी चौधरी ने बताया प 3अक्टूबर 2014 विजयादशमी के दिन मन की बात की शुरुवात करते हुए मोदी ने कहा था, मन की बात मेरे लिए कोई कार्यक्रम नहीं बल्कि यह मेरे लिए आस्था, पूजा और व्रत है। जैसे लोग ईश्वर की पूजा करने जाते हैं तो प्रसाद की थाल लाते हैं। मन की बात ईश्वर रूपी जनता जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल जैसे है।
