केजरीवाल से मिले आशीष जोशी
बीजेपी शहर अध्यक्ष की कमान वैसे डॉ. जयप्रकाश सोनी के हाथों में हैं लेकिन वीएमसी की नगर प्राथमिक शिक्षण समिति से पहले सांसद और फिर गुजरात भाजयुमो के चीफ बने हेमांग जोशी की लोकप्रियता का टेस्ट इन चुनावों में होगा। कांग्रेस और बीजेपी के जहां जोशी सरनेम वाले नेता हैं। इस सब के बीच बीजेपी के टिकट पर जीते पार्षद आशीष जोशी के बागी तेवर बरकार हैं। उन्होंने हाल ही में अरविंद केजरीवाल के दौरे में उनसे मुलाकात की थी। वह हरनी बोट कांड के पीड़ित परिवारों के साथ केजरीवाल से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद से चर्चा छिड़ी है कि क्या आशीष जोशी आप की तरफ बढ़ रहे हैं। चर्चा यह भी कि प्रखर हिंदूवादी आशीष जोशी को आप बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। अगर ऐसा होता है, तो तीना पार्टियों में जोशी सरनेम वाले नेताओं के बीच घमासान तय है। हेमांग जोशी के सामने एक चुनौती यह भी है कि वह निगम चुनावों में आशीष जोशी को रोक पाएंगे, आशीष जोशी को बीजेपी ने हरणी बोट कांड के मुद्दे को उठाने और निगम कार्यक्रम में सीएम के विरोध के बाद पार्टी ने उन्हें निकाल दिया था।
वडोदरा गुजरात का वह शहर है जहां से रामायण में सीता का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया भी सांसद रह चुकी हैं, लेकिन इन दिनों वडोदरा में ब्राह्मण राजनीति केंद्र में आ गई है। शहर में महाराष्ट्रियन लोगों की आबादी भी काफी ज्यादा है लेकिन हेमांग जोशी के उभार के बाद चर्चा यह है कि बीजेपी के दिग्गज ब्राह्मण नेताओं का अब क्या होगा। इनमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी, विधायक और पूर्व सांसद बालकृष्ण शुक्ल, पूर्व प्रदेश महामंत्री भार्गव भट्ट, डभोई विधायक शैलेश मेहता के नाम प्रमुख हैं। आशीष जोशी, हेमांग जोशी और ऋत्विक जोशी तीनों में एक चीज और कॉमन हैं। सभी ने वडोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी से ही पढ़ाई की है। हेमांग जोशी पाेरबंदर के रहने वाले हैं जबकि ऋत्विक जोशी और आशीष जोशी मूलरूप का जन्म वडोदरा में ही हुआ है। आशीष जोशी को राजनीति में लाने का श्रेय डभोई विधायक शैलेष मेहता सोट्टा को है। ब्राह्मण समाज में प्रभाव रखने वाले सोट्टा ने छात्र जीवन में राजनीति में कदम रखा था।











