इमरान खान की वापसी का बताया रास्ता
जनरल शरीफ से पूछा गया कि क्या पीटीआई के साथ किसी बातचीत की संभावना है तो उन्होंने जवाब दिया, 'अगर कोई राजनीतिक विचारधारा, नेता या गुट अपनी ही सेना पर हमला करता है. सेना और उसके लोगों के बीच दरार पैदा करता है। देश के शहीदों का अपमान करे, धमकियां दे, दुष्प्रचार करे तो उनसे कोई बातचीत नहीं हो सकती।' उन्होंने आगे कहा, 'ऐसे राजनीतिक अराजकतावादियों के लिए वापसी का केवल एक ही रास्ता है कि वह (पीटीआई) देश के सामने ईमानदारी से माफी मांगे और वादा करे कि वह नफरत की राजनीति को छोड़कर रचनात्मक (शैली की) राजनीति अपनाएगी।'इसके बाद डीजी आईएसपीआर ने ऐसी किसी भी बातचीत को राजनीतिक दलों के बीच होने की बात कही। उन्होंने कहा, 'सेना का शामिल होना इसमें उचित नहीं है।' पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में इस बात पर चर्चा हो रही है कि सरकार को जेल में बंद पीटीआई नेता इमरान खान से बातचीत शुरू करनी चाहिए। विशेषज्ञों की राय है कि पाकिस्तान को आर्थिक संकट से बचाने के लिए राजनीतिक स्थिरता का होना बहुत जरूरी है। इसलिए इमरान खान और सरकार के बीच डील होनी चाहिए लेकिन पाकिस्तान आर्मी ने अब खुलकर इस बारे में जवाब दे दिया है।











