यूपी में IGRS का आने लगा रिजल्ट, शिकायतों के निपटारे में IAS राहुल पांडेय टॉपर, IPS राज करण भी बेस्ट परफॉर्मर

यूपी में IGRS का आने लगा रिजल्ट, शिकायतों के निपटारे में IAS राहुल पांडेय टॉपर, IPS राज करण भी बेस्ट परफॉर्मर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पुलिस स्टेशन से तहसील स्तर तक आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई की गई है। शिकायतों पर कार्रवाई के मामले में बेस्ट परफार्मर और खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के नाम सामने आए हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इसके लिए आईजीआरएस पोर्टल लॉन्च किया गया है। इसके जरिए शिकायतों को ट्रैक किया जा रहा है। अब इस पोर्टल की ओर से शिकायतों पर कार्रवाई की रिपोर्ट सामने आई है। इसके आधार पर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की रैंकिंग जारी की गई है, जिन्हें जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। आईजीआरएस पोर्टल के पहले मासिक मूल्यांकन में हमीरपुर के डीएम राहुल पांडे ने शिकायतों के निवारण के लिए राज्य सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, पुलिस कप्तानों में अयोध्या एसपी राज करण नैयर सूची में पहले स्थान पर रहे हैं।

प्रयागराज के डीएम नवनीत सिंह चहल को शिकायतों पर कार्रवाई की श्रेणी में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला घोषित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि आईजीआरएस मूल्यांकन से सरकार को उन जिलों का पता लगाने में मदद मिलेगी, जहां आम आदमी की शिकायतों के निवारण पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। शिकायतों के निवारण के मामले में हासिल किए गए डेटा के आधार पर सबसे अच्छे और सबसे खराब पुलिस प्रमुखों के बारे में जानकारी दी गई है। इस सूची में अयोध्या के पुलिस प्रमुख राज करण नैय्यर शीर्ष पर हैं। वहीं, उन्नाव के एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना सितंबर में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले आईपीएस अधिकारी बन गए हैं।

जिलों को दी जा रही चेतावनी


प्रधान सचिव (गृह मंत्रालय) संजय प्रसाद ने बताया कि जिन जिलों का प्रदर्शन आईजीआरएस पर अच्छा नहीं है, उन्हें बार-बार चेतावनी दी जाती है कि वे अपनी कमर कस लें। सीनियर अधिकारियों को लोगों से मिलने और उनकी शिकायतों का समाधान करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से आईजीआरएस के रिजल्ट की साप्ताहिक निगरानी की जा रही है। अयोध्या एसपी नैय्यर ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यालय में शिकायतों की एक स्तर पर जांच की है। एसपी कहते हैं कि हम जिले के सभी 17 पुलिस स्टेशनों में शिकायत लेकर आने वाले सभी लोगों का रिकॉर्ड रखते हैं।

अयोध्या एसपी ने कहा कि अगर शिकायतकर्ता के केस दर्ज नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित सीओ से रिपोर्ट मांगी जाती है। उन्हें उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया जाता है। अगर मामले में पुलिस स्टेशन में किसी भी पुलिसकर्मी की ढिलाई सामने आती है। उसे कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। एसपी ने यह भी कहा कि किसी भी 'थाना दिवस' या 'समाधान दिवस' से पहले प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है, जिसके दौरान वे सभी मुद्दों का समाधान करते हैं।

टॉप 10 में हरदोई के पांच थाने


थानों की रैंकिंग में प्रदेश के टॉप 10 में हरदोई के पांच थाने शामिल हैं। शीर्ष तीन स्थानों पर हरदोई के थाने रहे हैं। हरदोई के एसपी केसी गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने एक 'हाल-चाल' सेल की स्थापना की है, जिसमें 25 महिला कांस्टेबल शिफ्ट में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी शिकायतों पर कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं, वे यहां आ सकते हैं। अगर समस्या पुलिस से जुड़ी नहीं है तो हम अन्य विभागों के साथ भी समन्वय करते हैं।

शासन के मॉडल स्थापित करने का प्रयास


गृह विभाग के सीनियर अधिकारियों ने कहा कि रैंकिंग का समग्र प्रयास पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि हम शासन का एक मॉडल स्थापित करना चाहते है। लोगों की शिकायतों का निपटारा हर हाल में जिला स्तर के अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। शिकायतों के निपटारे के आधार पर जिलों, उसकी पुलिस और प्रशासन, पुलिस स्टेशनों, तहसीलों, पुलिस सर्किलों की रैंकिंग की जा रही है। वहीं, सब- डिवीजनवार भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण के आधार पर भी अलग-अलग रैंकिंग दी गई है।

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