नवाज PM बने तो मैं फॉरेन मिनिस्टर नहीं बनूंगा :​​​​​​​ बिलावल बोले पुराने तरह की सियासत पसंद नहीं मुल्क में फैलाई जा रही है नफरत

नवाज PM बने तो मैं फॉरेन मिनिस्टर नहीं बनूंगा :​​​​​​​ बिलावल बोले पुराने तरह की सियासत पसंद नहीं मुल्क में  फैलाई जा रही है नफरत

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने कहा है कि अगर नवाज शरीफ फिर प्रधानमंत्री बनते हैं तो वो उनकी सरकार में शामिल नहीं होंगे और न ही फिर फॉरेन मिनिस्टर बनेंगे।

एक इंटरव्यू में बिलावल ने कहा- मैं फिर उसी पुरानी सियासत का हिस्सा नहीं बनना चाहता। हमारे यहां की दोनों पार्टियां (नवाज की PMLN और इमरान खान की PTI) सिर्फ नफरत फैला रही हैं। मुल्क को इसी से तो बचाना मेरा मिशन है।

नवाज की जीत की तरफ इशारा

  • बिलावल की बातों से ऐसा लगता है कि उन्हें ये अंदाजा हो चुका है कि 8 फरवरी को होने वाले चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ही जीतेगी। उन्होंने कहा- केयरटेकर सरकार और एडमिनिस्ट्रेशन इस वक्त नवाज शरीफ के साथ हैं। हम अपनी दम पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि अगर नवाज फिर प्रधानमंत्री बनते हैं तो मैं उनकी सरकार में फॉरेन मिनिस्टर नहीं बनूंगा।
  • पिछले साल पाकिस्तान में 13 दलों की पाकिस्तान डेमोक्रेटिक फ्रंट (PDM) सरकार थी। नवाज के भाई शाहबाज शरीफ इस सरकार में प्रधानमंत्री थे और बिलावल विदेश मंत्री थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि चुनाव के बाद बिलावल की पार्टी नवाज से हाथ मिलाएगी और उसके सीनियर लीडर उस सरकार में मंत्री बनेंगे। बिलावल इससे इनकार कर रहे हैं।
  • एक सवाल के जवाब में बिलावल ने कहा- पाकिस्तान में फिर बांटने और नफरत की सियासत हो रही है। दोनों बड़ी पार्टियां यही कर रही हैं। मैं इस तरह की पुरानी सियासत को पसंद नहीं करता। यही वजह है कि मैं इन लोगों के साथ नहीं जाने की बात कह रहा हूं।
  • नवाज की जीत की तरफ इशारा

    • बिलावल की बातों से ऐसा लगता है कि उन्हें ये अंदाजा हो चुका है कि 8 फरवरी को होने वाले चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ही जीतेगी। उन्होंने कहा- केयरटेकर सरकार और एडमिनिस्ट्रेशन इस वक्त नवाज शरीफ के साथ हैं। हम अपनी दम पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि अगर नवाज फिर प्रधानमंत्री बनते हैं तो मैं उनकी सरकार में फॉरेन मिनिस्टर नहीं बनूंगा।
    • पिछले साल पाकिस्तान में 13 दलों की पाकिस्तान डेमोक्रेटिक फ्रंट (PDM) सरकार थी। नवाज के भाई शाहबाज शरीफ इस सरकार में प्रधानमंत्री थे और बिलावल विदेश मंत्री थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि चुनाव के बाद बिलावल की पार्टी नवाज से हाथ मिलाएगी और उसके सीनियर लीडर उस सरकार में मंत्री बनेंगे। बिलावल इससे इनकार कर रहे हैं।
    • एक सवाल के जवाब में बिलावल ने कहा- पाकिस्तान में फिर बांटने और नफरत की सियासत हो रही है। दोनों बड़ी पार्टियां यही कर रही हैं। मैं इस तरह की पुरानी सियासत को पसंद नहीं करता। यही वजह है कि मैं इन लोगों के साथ नहीं जाने की बात कह रहा हूं।
    • मां की बरसी में भी शामिल नहीं हुए थे

      • पिता के साए में सियासत की शुरुआत करने वाले बिलावल को 2014 में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। बिलावल के उनके पिता आसिफ अली जरदारी से मतभेद बढ़ने लगे। दोनों के मनमुटाव से पार्टी दो हिस्सों में बंटने लगी। बिलावल के समर्थकों को भुट्टो कॉमरेड्स और उनके पिता के समर्थकों को जरदारी के वफादार कहा जाने लगा।
      • दोनों ही अपनी जिद्द से पीछे हटने को तैयार नहीं थे। हालात ये हो गए कि बिलावल अपनी मां की सातवीं बरसी के कार्यक्रम तक में नहीं पहुंचे थे। बताया गया कि दोनों के बीच टिकट बंटवारे और पार्टी को चलाने के तरीकों को लेकर मतभेद थे। एक वक्त पर तो जरदारी ने बिलावल को साइडलाइन करने तक का फैसला कर लिया था।
      • बिलावल अपने भाषणों में सीधे विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते थे, ये बात जोड़-तोड़ की राजनीति करने वाले उनके पिता को नहीं जंचती थी। वो चाहते थे कि बिलावल अपने भाषणों में नरमी बरतें। बाद में परिवार के दखल के बाद आसिफ अली जरदारी ने बिलावल से सुलह की थी।
      • इमरान खान के तख्तापलट के बाद बिलावल को अप्रैल 2022 में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और वो पाकिस्तान के सबसे कम उम्र के विदेश मंत्री बने। इसके बाद उन्होंने लगातार बचकाने बयान देने शुरू कर दिए। बिलावल भुट्टो ने दिसंबर 2022 में PM मोदी पर टिप्पणी की थी।

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