बता दें कि आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी लिमिटेड (IdeaForge Tech IPO) की लिस्टिंग पहले 10 जुलाई 2023 को होनी थी। लेकिन बाद में इसकी तारीख में बदलाव किया गया। पूर्व निर्धारित तारीख से पहले कंपनी ने अपने आईपीओ की लिस्टिंग का फैसला किया। आइडियाफोर्ज आईपीओ को सब्सक्राइब करने के लिए पहले 26-29 जून की तारीख तय की गई थी, लेकिन शेयर मार्केट के हॉलीडे कैलेंडर में बदलाव के बाद कंपनी के आईपीओ को सब्सक्राइब करने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 30 जून, 2023 कर दिया गया था।
जमकर किया गया सब्सक्राइब
आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी लिमिटेड (IdeaForge Tech IPO) को जमकर सब्सक्राइब किया गया। यह 2021 के बाद यह पहला आईपीओ बन गया जिसे 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया। इस आईपीओ को कुल-मिलाकर 106.60 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीच्युशनल बायर्स के लिए रिजर्व कैटेगरी को 125.81 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ। वहीं, एनआईआई कोटा में इस आईपीओ को कुल 80.58 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ। कर्मचारियों के लिए रिजर्व कैटेगीर में इस आईपीओ 96.65 गुना सब्सक्राइब किया गया।
बता दें कि 26 जून को आइडियाफोर्ज टेक (IdeaForge Tech IPO) कंपनी का आईपीओ खुला था। यह आईपीओ 26 जून से लेकर 29 जून तक खुला था। कंपनी ने प्रति शेयर 638-672 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। वहीं इसका एक लॉट 22 शेयरों का था। अगर कोई निवेशक इसके अपर प्राइस बैंड से एक लॉट के लिए एप्लिकेशन लगाता है तो उसे 14,784 रुपये का इन्वेस्टमेंट करना था।
बता दें कि 26 जून को आइडियाफोर्ज टेक (IdeaForge Tech IPO) कंपनी का आईपीओ खुला था। यह आईपीओ 26 जून से लेकर 29 जून तक खुला था। कंपनी ने प्रति शेयर 638-672 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। वहीं इसका एक लॉट 22 शेयरों का था। अगर कोई निवेशक इसके अपर प्राइस बैंड से एक लॉट के लिए एप्लिकेशन लगाता है तो उसे 14,784 रुपये का इन्वेस्टमेंट करना था।
ग्रे मार्केट में मचाया धमाल
ideaForge Technologies के आईपीओ ने ग्रे मार्केट में अच्छा प्रदर्शन किया। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में कंपनी के स्टॉक 510-515 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम के साथ उपलब्ध थे। इससे एक दिन पहले आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजीज आईपीओ का जीएमपी 530 रुपये के पार पहुंच गया था। कंपनी के वैल्यूएशन के ज्यादा वास्तविक होने की वजह से आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम में थोड़ कमी देखने को मिली है।वहीं इस आईपीओ के तहत जिन बोलीदाताओं को शेयर अलॉट नहीं हुए हैं, उन्हें पांच जुलाई से रिफंड मिलना शुरू हो गया है। जिन सफल बोलीदाताओं को स्टॉक अलॉट हो गए हैं, उनके डिमैट अकाउंट में छह जुलाई तक कंपनी के शेयर क्रेडिट हो गए हैं।











