वहीं अब भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ऋषभ पंत को लेकर खुलासा किया है। उन्होंने लॉर्ड्स में भारत के नाइट वॉचमैन भेजने के फैसले को डिकोड किया है। जो अश्विन ने बताया ऐसा भी हो सकता है। उन्होंने बताया है कि जब दिन खत्म होने वाला होता है और 40-45 मिनट रह जाते हैं तो ऋषभ पंत को बल्लेबाजी के लिए जाना पसंद नहीं होता।
मैं बैटिंग करने नहीं जा रहा...
भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा, 'मैं आपको एक कहानी सुनाता हूं। याद है मीरपुर में हुआ वो टेस्ट मैच जब भारत को जीतने के लिए करीब 140 रन बनाने थे? मैं गेंदबाजी के बाद ड्रेसिंग रूम में आराम कर रहा था। वहां काफी गर्मी और उमस थी। मैं हमारे एनालिस्ट के पास बैठा था और राहुल द्रविड़ (मुख्य कोच) थोड़ी दूर बैठे थे।'उन्होंने आगे कहा 'जब हमारे दो विकेट गिर गए, तो ऋषभ पंत ने राहुल भाई से कहा, 'मैं बैटिंग करने नहीं जा रहा।' तब भी 30-40 मिनट का खेल बाकी था। लेकिन ऋषभ ने मना कर दिया। जब अगला विकेट गिरा और चौथे नंबर के बल्लेबाज को जाना था, तो वह अंदर चला गया और पहले शायद अक्षर पटेल को भेजा गया फिर जयदेव उनादकट को नाइटवॉचमैन के तौर पर भेजना पड़ा।' यह बात भारत के दूसरे सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताई। बता दें कि अश्विन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा एक और किस्सा बताया जब ऋषभ पंत दिन के अंत में बैटिंग करने जाने के मूड में नहीं थे











