कोरिया के खिलाफ औसत प्रदर्शन के बाद भारत ने मलेशिया के खिलाफ बेहतर खेल दिखाया हालांकि शुरूआत बहुत अच्छी नहीं रही। भारत ने शुरुआती गोल गंवा दिया लेकिन इसके बाद शानदार वापसी की। मलेशिया पर मिली जीत के बारे में मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा कि अभी भी यह टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं है और भारतीय खिलाड़ियों को पता है कि उनसे अपेक्षाएं बहुत ज्यादा है। सवाल यह है कि वे अपेक्षाओं पर कैसे खरे उतरें और इसका जवाब भी आसान है कि बारीकियों पर ध्यान देकर अपने प्रदर्शन में और सुधार किया जाए।
टूर्नामेंट में अभी तक मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद और राजिंदर सिंह ने मिडफील्ड में अच्छा खेल दिखाया है। मलेशिया के खिलाफ फॉरवर्ड पंक्ति से उनका तालमेल कमाल का था। हार्दिक ने खास तौर पर तेज ड्रिबलिंग और अकेले गेंद लेकर दौड़ते हुए कई मौके बनाये। बरसों से भारतीय हॉकी की सेवा कर रहे मनप्रीत ने दिखा दिया कि अभी भी उनके भीतर जीत की भूख कम नहीं हुई है। उन्होंने न सिर्फ मौके बनाये बल्कि गोल के सूत्रधार भी रहे। अभिषेक, सुखजीत सिंह और मनदीप सिंह ने आक्रमण का जिम्मा बखूबी संभाला और आगे भी इस लय को कायम रखना चाहेंगे।
भारत को हालांकि सर्कल के भीतर मिले हर मौके को भुनाना होगा और इसके लिए हड़बड़ाने से बचना जरूरी है। पेनल्टी कॉर्नर कोच फुल्टोन की परेशानी का सबब होगा। अच्छी शुरुआत के बाद कप्तान हरमनप्रीत पेनल्टी कॉर्नर भुनाने में नाकाम रहे। जुगराज सिंह, संजय और अमित रोहिदास का भी यही हाल था। मलेशिया के खिलाफ छह में से एक ही पेनल्टी कॉर्नर पर गोल हो सका और वह भी रिबाउंड पर था।











