पाकिस्तान ने ननकाना साहिब जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए शहर को बैनरों से सजाया है। ननकाना साहिब में 556 साल पहले सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का जन्म हुआ था। हर साल उनके प्रकाश पर्व पर भारत से हजारों सिख और हिंदू ननकाना साहिब जाते हैं। इस बार की तीर्थयात्रा पिछली बार के मुकाबले काफी अलग है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच मई में घातक झड़पों के बाद जमीनी सीमा बंद होने के बाद पहली बड़ी तीर्थयात्रा है।
हिंदुओं को लौटाया अब सिखों का फूलों से स्वागत... शहबाज ने प्रकाश पर्व पर कर दी नापाक हरकत, पाकिस्तानी हिंदू ने जमकर सुनाया
इस्लामाबाद: गुरुनानक जी के प्रकाश पर्व के पहले पाकिस्तान की नापाक हरकत सामने आई है। पाकिस्तान ने बेहद घटिया हरकत करते हुए इस पवित्र दिन भी अपनी नफरत फैलाने की हरकत से बाज नहीं आया है। पाकिस्तान ने पहले तो हिंदुओं को गुरुनानक की जन्मभूमि पाकिस्तान के ननकाना साहिब जाने से यह कहते हुए रोक दिया कि वे सिख नहीं है। अब वह सिखों को रिझाने के लिए उनका स्वागत कर रहा है। पाकिस्तान की यह चाल भारत में हिंदुओं और सिखों में फूट डालने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर जब सिखों के प्रथम गुरु हिंदुओं में भी पूजनीय हैं।
पाकिस्तान ने ननकाना साहिब जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए शहर को बैनरों से सजाया है। ननकाना साहिब में 556 साल पहले सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का जन्म हुआ था। हर साल उनके प्रकाश पर्व पर भारत से हजारों सिख और हिंदू ननकाना साहिब जाते हैं। इस बार की तीर्थयात्रा पिछली बार के मुकाबले काफी अलग है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच मई में घातक झड़पों के बाद जमीनी सीमा बंद होने के बाद पहली बड़ी तीर्थयात्रा है।शहबाज सरकार की आलोचना
पाकिस्तान में सिखों का स्वागत
पाकिस्तान ने ननकाना साहिब जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए शहर को बैनरों से सजाया है। ननकाना साहिब में 556 साल पहले सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का जन्म हुआ था। हर साल उनके प्रकाश पर्व पर भारत से हजारों सिख और हिंदू ननकाना साहिब जाते हैं। इस बार की तीर्थयात्रा पिछली बार के मुकाबले काफी अलग है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच मई में घातक झड़पों के बाद जमीनी सीमा बंद होने के बाद पहली बड़ी तीर्थयात्रा है।











