तीसरे चरण की नौ लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों में सर्वाधिक 79.44 प्रतिशत मतदान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लोकसभा क्षेत्र विदिशा की बुधनी विधानसभा में हुआ। वह यहां से विधायक भी हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार यहां लगभग पांच प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। हालांकि, विधानसभा चुनाव में बुधनी में 84 प्रतिशत निर्वाचकों ने मत दिया था।
मंत्रियों की बात करें, तो राज्य मंत्री गौतम टेटवाल के विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर में सबसे अधिक 78.75 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पूरे राजगढ़ लोकसभा सीट में सर्वाधिक है। सबसे कम एंदल सिंह कंसाना के क्षेत्र में 53.10 प्रतिशत रहा, जो मुरैना लोकसभा सीट में दिमनी के बाद दूसरा सबसे कम है। यहां विधानसभा चुनाव 2023 में 72.22 प्रतिशत मतदान हुआ था। अर्थात इस बार 19 प्रतिशत मतदान कम हुआ।
विधानसभा चुनाव में हुए मतदान की तुलना में मंत्रियों के क्षेत्र में यह सबसे बड़ी गिरावट है। इन नौ सीटों में सबसे कम मतदान भिंड में 55.44 प्रतिशत रहा। इसी लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली दतिया विधानसभा में 66.78 प्रतिशत निर्वाचकों ने मताधिकार का उपयोग किया। यह पूर्व मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा का विधानसभा क्षेत्र है। हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायक रामनिवास रावत के क्षेत्र विजयपुर में 68. 85 और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह के क्षेत्र लहार में मतदान का प्रतिशत 52.58 रहा।
मंत्रियों के क्षेत्र में मतदान प्रतिशत
मंत्री-- विधानसभा सीट-- लोकसभा 2019--विधानसभा 2023-- लोकसभा 2024
एंदल सिंह कंसाना-- सुमावली (मुरैना लोस सीट)--55.36 -- 72.22-- 53.10
नारायण सिंह कुशवाह-- ग्वालियर दक्षिण (ग्वालियर लोस सीट) -- 58.96 -- 63.83-- 61.03
राकेश शुक्ला -- मेहगांव (भिंड लोस सीट) -- 50.72-- 64.97-- 53.93
प्रद्युम्न सिंह तोमर - ग्वालियर (ग्वालियर लोस सीट) -- 58.33 -- 65.29-58.45 (ग्वालियर पूर्व के बाद दूसरा न्यूनतम)
गौतम टेटवाल-- सारंगपुर (राजगढ़ लोस सीट)-- 78.96 --84.34--78.75
नारायण सिंह पवार -- ब्यावरा (राजगढ़ लोस सीट) --73.72-- 84.33-- 75
विश्वास सारंग-- नरेला (भोपाल लोस सीट)-- 64.95-- 65.48-- 59.02
कृष्णा गौर-- गोविंदपुरा (भोपाल सीट) -- 59.95-- 63.03-- 60.05
करण सिंह वर्मा -- इछावर (विदिशा लोस सीट)-- 78.73.-- 86.74-- 78.22











