क्या है मामला
बात 22 दिसंबर 2018 की है। सुंदरदेव गांव में रहने वाले रामदेव के घर में सबकुछ सामान्य चल रहा था। उनकी पत्नी ताराबाई करीब नौ महीने के गर्भ से थी। दोपहर 11 बजे अचानक ताराबाई को लेबरपेन शुरू हो गया। उस वक्त रामदेव घर पर नहीं थे, सो परिवार के बाकी सदस्य आनन-फानन में ताराबाई को लेकर अस्पताल पहुंचे। कुछ ही मिनटों बार ऑपरेशन थिएटर नर्स मैडम बाहर निकलीं और पूरे परिवार को बधाई देते हुए कहा कि- 'लक्ष्मी हुई है।' यह खबर सुनते ही रामदेव समेत पूरा परिवार खुशी से झूम उठे। परिवार को इस बात की खुशी थी कि घर में बिटिया आई है। घर में बिटिया आने पर सभी लोग खुशियां मना रहे थे, लेकिन नवजात की मां ताराबाई बेहद नाखुश थी।
दरअसल, नवजात को जन्म से ही दोनों हाथों और पैर में 6-6 अंगुलियां थीं। ताराबाई मन ही मन कुंठित हो रही थी कि भगवान ने उसे ये कैसी औलाद दे दी। उसके मन में ख्याल आ रहा था कि आखिर 24 अंगुलियों के साथ वह अपनी जिंदगी कैसे गुजारेगी। क्या समाज और परिवार उसे इस रूप में स्वीकार करेगा। जब वह जवान होगी तो उससे शादी कौन करेगा। ना जाने इस तरह के कितने सवाल ताराबाई के मन में उठ रहे थे। मन में चलने वाले इन्हीं सवालों के चलते वह लगातार डिप्रेशन में जा रही थी। वह किसी भी तरह अपनी नवजात बिटिया को सामान्य बच्चों की तरह देखना चाहती थी। उसे कौन समझाए कि भगवान ने ही जब उसे स्पेशल बनाया है तो भला एक मां उसे सामान्य क्यों बनाना चाहती है।
इसी कुंठा में मां ताराबाई ने कुदरत की दी गई 4 अतिरिक्त अंगुलियों को काटने का फैसला लिया। बताया जाता है कि 24 दिसंबर 2018 यानी जन्म के दो दिन बाद ताराबाई ने हाथों में ब्लेड उठाया और अपने ही मासूम के हाथों और पैर की अतिरिक्त चार अंगुलियों को काट दिया। इस वजह से 24 दिसंबर 2018 को शाम चार बजे नवजात बच्ची की मौत हो गई। नवजात की मौत हो जाने पर मां ताराबाई ने घर के आंगन (बाड़े) में उसे दफन कर दिया।
बच्ची की मौत पर परिवार ने अचानक मातम हो गया। यह मामला थाने पहुंचा, फिर वहां से कोर्ट। न्यायालय आशीष ददे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तहसील हरसूद ने अपने आदेश में कहा कि 23 साल की ताराबाई धारा 304 में दोषी है। उसे पांच साल की जेल और एक हजार रुपये अर्थदंड दिया। वहीं धारा 201 तृतीय खंड भादंवि के आरोप में एक साल का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड दिया है। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके ने बताया कि 29 दिसंबर 2018 को महिला बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक के रूप में पदस्थ अंजिला मीहे ने सूचना दी कि 22 दिसंबर 2018 को दोपहर 12 बजे आरोपित ताराबाई ने एक बालिका को जन्म दिया था।











