ए भाई जरा देख कर चलो.. बहुत सिर दबाया पर समझ न पाया...

ए भाई  जरा देख कर चलो..  बहुत सिर दबाया पर समझ न पाया...
सरकार जिन्हें फ्री में बांट रही उनकी देश प्रांत और समाज के प्रति क्या जिम्मेदारी तय की है* और यदि बिना जिम्मेदारी के बांट रहे हैं तो इसे सहायता कहेंगे या भीख। *भीख किसी को भी दी जा सकती है पर सहायता जरूर मंद को ही।* आप तो करोड़ों लोगों को पैसे और सुविधा देने लग गए इसका मतलब है कि मध्य प्रदेश में आज भी करोड़ों लोग गरीब है। *बेचारा मिडिल क्लास* मध्यम वर्ग जो इमानदारी की कमाई से टैक्स दे रहा है वह ठगा महसूस हो रहा है और यदि ऐसा ही चला रहा तो वह भी गरीबों की श्रेणी में आ जाएगा।
यह सब हमारी गलती है हम भी तो लालची हैं। भ्रष्टाचारियों को विरोध करने के बजाय हम खुद अपने आचरण नहीं देख रहे।
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद्)
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