हेलीकॉप्टर की तलाश जारी
नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के सूचना अधिकारी ज्ञानेंद्र भुल ने कहा कि हेलीकॉप्टर ने सुबह 9:45 बजे सोलुखुम्बु के सुरकी से राजधानी के लिए उड़ान भरी थी। एयरपोर्ट के प्रवक्ता टेकनाथ सितौला ने कहा, 'सूचना मिली है कि मनांग एयर का हेलीकॉप्टर संपर्क से बाहर है, टावर से कोई संपर्क नहीं है। वह लामजुरा के करीब था तो खबर मिली कि हेलीकॉप्टर को वाइबर पर सिर्फ 'हैलो' मैसेज मिला है। फिलहाल तलाश जारी है।' एयरपोर्ट के सूत्रों की मानें तो हेलीकॉप्टर को सीनियर पायलट कैप्टन चेत गुरुंग उड़ा रहे थे। बताया जा रहा है कि इस पर सवार सभी नागरिक विदेशी हैं।
नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के सूचना अधिकारी ज्ञानेंद्र भुल ने कहा कि हेलीकॉप्टर ने सुबह 9:45 बजे सोलुखुम्बु के सुरकी से राजधानी के लिए उड़ान भरी थी। एयरपोर्ट के प्रवक्ता टेकनाथ सितौला ने कहा, 'सूचना मिली है कि मनांग एयर का हेलीकॉप्टर संपर्क से बाहर है, टावर से कोई संपर्क नहीं है। वह लामजुरा के करीब था तो खबर मिली कि हेलीकॉप्टर को वाइबर पर सिर्फ 'हैलो' मैसेज मिला है। फिलहाल तलाश जारी है।' एयरपोर्ट के सूत्रों की मानें तो हेलीकॉप्टर को सीनियर पायलट कैप्टन चेत गुरुंग उड़ा रहे थे। बताया जा रहा है कि इस पर सवार सभी नागरिक विदेशी हैं।
भारतीय की मौत के बाद सस्पेंड लाइसेंस
साल 2018 में एक भारतीय कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री की मौत के बाद इस मनांग एयर का हेलीकॉप्टर लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। तीर्थयात्री हिल्सा क्षेत्र में उस समय मृत्यु का शिकार हुआ जब हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के पिछले ब्लेड की चपेट में आ गया था। हालांकि वह निलंबन अस्थायी था। नेपाल की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया था कि उयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (एओसी) हासिल करने के बाद मनांग एयर को व्यावसायिक रूप से उड़ान भरने का लाइसेंस मिला था।
साल 2018 में एक भारतीय कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री की मौत के बाद इस मनांग एयर का हेलीकॉप्टर लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। तीर्थयात्री हिल्सा क्षेत्र में उस समय मृत्यु का शिकार हुआ जब हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के पिछले ब्लेड की चपेट में आ गया था। हालांकि वह निलंबन अस्थायी था। नेपाल की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया था कि उयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (एओसी) हासिल करने के बाद मनांग एयर को व्यावसायिक रूप से उड़ान भरने का लाइसेंस मिला था।
एओसी वह प्रमाण होता है जो राज्य की तरफ से मिलता है। इसके तहत यह साबित होता है कि ऑपरेटर न्यूनतम स्तर पर अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन की शर्तों के तहत सुरक्षा उद्देश्यों को पूरा करने में सक्षम है।











