हनुमान फर्जी भगवान, अमेरिका ईसाई देश... ट्रंप की पार्टी के नेता ने दिया विवादित बयान, मुस्लिमों पर भी उगल चुके हैं जहर

हनुमान फर्जी भगवान, अमेरिका ईसाई देश... ट्रंप की पार्टी के नेता ने दिया विवादित बयान, मुस्लिमों पर भी उगल चुके हैं जहर
वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी, जिसे पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव में अमेरिकी हिन्दुओं ने दिल खोलकर वोट किया था, वो भारत और हिंदुओं के भगवान को लेकर विवादित बयान की हर सीमा पार कर रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास राज्य में रिपब्लिकन नेता अलेक्जेंडर डंकन ने टेक्सास में बन रहे हनुमान जी की विशालकाय प्रतिमा को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि "हम टेक्सास में एक झूठे हिंदू भगवान की झूठी मूर्ति क्यों लगने दे रहे हैं? हम एक ईसाई राष्ट्र हैं!"

अलेक्जेंडर डंकन रिपब्लिकन पार्टी के नेता हैं और डोनाल्ड ट्रंप के MAGA (Make Amercia Great Again) के समर्थक हैं। वो अमेरिका को ईसाई देश बनते देखना चाहते हैं। अलेक्जेंडर डंकन लगातार मुसलमानों के खिलाफ भी जहर उगल रहे हैं। वो मुसलमानों को अमेरिका से निकालने की मांग कर रहे हैं और अब उन्होंने हनुमान जी की प्रतिमा पर सवाल उठाया है। उनके इस बयान ने अमेरिकी हिंदुओं को नाराज कर दिया है।
ट्रंप की पार्टी के नेता का हनुमान पर विवादित बयान
हिंदू अमेरिकन फॉउंडेशन (HAF) ने डंकन की टिप्पणियों की निंदा करते हुए उन्हें "हिंदू-विरोधी और भड़काऊ" बताया है। HAF ने डंकन की टिप्पणियों की रिपोर्ट रिपब्लिकन पार्टी को भेज दी है और घटना की आंतरिक समीक्षा का आग्रह किया है। HAF ने X पर लिखा था कि "नमस्ते, टेक्सासGOP, क्या आप अपनी पार्टी के उस सीनेट उम्मीदवार को अनुशासित करेंगे जो भेदभाव के खिलाफ आपके गाइडलाइंस का खुलेआम उल्लंघन करता है, और बेहद घिनौनी हिंदू-विरोधी नफरत प्रदर्शित करता है। जो अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन का उल्लंघन करते हैं।" डंकन के इस बयान की काफी आलोचना की जा रही है और सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा है कि "आप जो चाहें मानने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन किसी और की मान्यताओं को 'झूठा' कहना आजादी नहीं है।"
अलेक्जेंडर डंकन के बयान को लेकर काफी विवाद हो रहा है। कई अमेरिकियों ने उनके बयान की निंदा की है। डॉक्टर ट्रेसी नाम की यूजर ने लिखा है कि "हिंदू जिहाद को बढ़ावा नहीं देते हैं। हमारे साथ दुर्व्यवहार करने वाले हिंसक विदेशी नागरिकों की वास्तविक समस्या पर ध्यान दें। हिंदू देवता परम ईश्वरीय चेतना के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं। वे सभी आपस में जुड़े हुए हैं और सद्गुणों के विकास को बढ़ावा देते हैं। थोड़ा पढ़िए। समस्या यह नहीं है।" वहीं, सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर जॉर्डन क्राउडर ने लिखा है कि "सिर्फ इसलिए कि आप हिंदू नहीं हैं, इसका मतलब यह नहीं कि यह झूठ है। वेद, ईसा मसीह के धरती पर आने से लगभग 2000 साल पहले लिखे गए थे और ये असाधारण ग्रंथ हैं। और ईसाई धर्म पर इनका स्पष्ट प्रभाव है... इसलिए उस 'धर्म' का सम्मान करना और उस पर शोध करना बुद्धिमानी होगी, जो आपके धर्म से पहले का है और जिसका आपके धर्म पर आपका प्रभाव है।"
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