सना से लगा इजरायल पर निशाना
यमन के हूती विद्रोहियो ने सना से इजरायल को निशाना बनाया है। 1500 किलोमीटर की दूरी से हूती विद्रोहियों ने इजरायल-हमास युद्ध में घुसपैठ की है। हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब ने आठ साल से युद्ध छेड़ रखा है। इजरायल के हमला करने के बाद से हूती, फिलिस्तीनियों के साथ आ गए हैं। इससे उस आंदोलन के लिए एक नया मोर्चा खुल गया है जो आठ सालों से थोड़ा सुस्त पड़ा था। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट की तरफ से कहा गया है कि संगठन के प्रवक्ता याह्या सरिया ने कहा है कि हवाई हमले में ड्रोन के साथ-साथ बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का यूज किया गया। सरिया ने कहा कि यह ऑपरेशन यमनी लोगों की मांग पर किया गया।
यमन के हूती विद्रोहियो ने सना से इजरायल को निशाना बनाया है। 1500 किलोमीटर की दूरी से हूती विद्रोहियों ने इजरायल-हमास युद्ध में घुसपैठ की है। हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब ने आठ साल से युद्ध छेड़ रखा है। इजरायल के हमला करने के बाद से हूती, फिलिस्तीनियों के साथ आ गए हैं। इससे उस आंदोलन के लिए एक नया मोर्चा खुल गया है जो आठ सालों से थोड़ा सुस्त पड़ा था। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट की तरफ से कहा गया है कि संगठन के प्रवक्ता याह्या सरिया ने कहा है कि हवाई हमले में ड्रोन के साथ-साथ बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का यूज किया गया। सरिया ने कहा कि यह ऑपरेशन यमनी लोगों की मांग पर किया गया।
सरिया की मानें तो युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल के खिलाफ संगठन द्वारा किया गया यह तीसरा हमला था। इस हमले में मिसाइलों और ड्रोन के साथ इजराइल के खिलाफ आगे भी हमले करने की कसम खाई। रॉकेट लॉन्च होने के साथ ही इजरायल के इलियट में सायरन बजने लगे और एरो एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से उन्हें रोक लिया गया गया। कहा जा रहा है कि इजरायल के फाइटर जेट्स ने हूती विद्रोहियों की तरफ से भेजे गए जेट्स को भी गिरा दिया। दिलचस्प बात है कि हूती, हमास और हिज्बुल्लाह तीनों को ही इजरायल के दुश्मन ईरान का समर्थन मिला हुआ है।
अमेरिका और इजरायल की मौत!
हूती का नारा है 'अमेरिका की मौत, इजरायल की मौत, यहूदियों को शाप और इस्लाम की जीत'। हूती सरकार के प्रधानमंत्री अब्देलअजीज बिन हैबटूर ने दिन में पहले ही घोषणा की थी कि हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन यमन के हैं। हूती विद्रोहियों ने साल 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था और देश के बड़े हिस्से को नियंत्रित किया था। वे हमास के साथ इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध की धुरी का हिस्सा हैं। इजरायल के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर तजाची हानेग्बी ने कहा कि हूती हमले असहनीय थे। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि इजरायल कैसे प्रतिक्रिया दे सकता है तो उन्होंने विस्तार से बताने से इनकार कर दिया।











