गूगल ने प्लेस्टोर से हटाए 17 लोन ऐप लोगों का पर्सनल डेटा चुराकर कर रहे थे ब्लैकमेल

गूगल ने प्लेस्टोर से हटाए 17 लोन ऐप लोगों का पर्सनल डेटा चुराकर कर रहे थे ब्लैकमेल

टेक जायंट गूगल ने प्ले स्टोर से लोन देने वाले 17 ऐप्स को रिमूव कर दिया है। ये ऐप यूजर्स के साथ फ्रॉड कर रहे थे। इनमें स्पाय मेलवेयर पाया गया है।

साइबर सिक्‍योरिटी फर्म ESET की एक रिसर्च रिपोर्ट में पता चला कि धोखाधड़ी करने वाले कई इंस्‍टेंट लोन ऐप एंड्रॉयड यूजर्स को टारगेट कर रहे हैं।

रिपोर्ट में 18 ऐप की पहचान की गई थी, इनमें से गूगल ने 17 ऐप को हटा दिया है, जबकि एक ऐप के डेवलपर्स ने अपनी पॉलिसी को गूगल के नॉर्म्स के अनुसार बदल लिया है। इस कारण उसे प्ले स्टोर से नहीं हटाया गया।

थर्ड पार्टी सोर्स से अब भी एक्टिव हैं ऐप
हालांकि गूगल के एक्शन से पहले ये ऐप 1.20 करोड़ बार डाउनलोड किए जा चुके थे। ये ऐप अब थर्ड पार्टी सोर्स जैसे- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और SMS के जरिए टेक्स्ट मैसेज भेजकर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। ये ऐप भारत सहित मैक्सिको, इंडोनेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, पाकिस्तान, कोलंबिया, पेरू, फिलीपींस, मिस्र, केन्या, नाइजीरिया और सिंगापुर में ऑपरेट किए जाते हैं।

लोन के नाम पर हासिल करते हैं पर्सनल डेटा
रिपोर्ट के अनुसार, इंस्टेंट लोन देने के नाम पर ये ऐप कई तरह की परमिशन जैसे- कॉल लॉग्स, स्टोरेज, मीडिया फाइल्स, कॉन्टेक्ट लिस्ट और लोकेशन डेटा को बायपास करते हैं। इसके अलावा यूजर का पर्सनल डेटा हासिल करने के लिए एड्रेस, बैंक अकाउंट और फोटो जैसी डिटेल भी शेयर करने को कहते हैं।

जान से मारने तक की धमकी देते हैं
ये गूगल के प्ले-स्टोर की पॉलिसी को भी चकमा दे रहे थे। इन ऐप से लोगों को तुरंत लोन मिलता है, लेकिन इसके लिए काफी ज्यादा ब्याज वसूला जाता और लोन चुकाने के लिए टाइम भी कम दिया जाता है।

यूजर की सारी डिटेल्स मिलने के बाद ऐप लोन चुकाने के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं। ESET रिसर्चर लुकास स्टेफानको ने कहा कि ये लोग लोन ऐप्स के जरिए लोगों को ब्लैकमेल और मौत की धमकी भी देते थे।

यही नहीं यूजर द्वारा लोन के लिए अप्लाई नहीं करने या लोन सेंक्शन नहीं होने के बाद भी ऐप के जरिए मिली जानकारी को आधार बनाकर ये ऐप लोन चुकाने के लिए ब्लैकमेल करते हैं।

प्ले स्टोर पर ऐप्स को लेकर RBI सर्टिफिकेट जरूर देंगे
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का कहना है कि लोन देने वाली किसी लिस्टेड वेबसाइट या उसके ऐप पर जाते हैं, तब यह जरूर देखें कि वो RBI से रजिस्टर्ड है। या फिर RBI से रजिस्टर्ड किसी बैंक या NBFC के साथ काम कर रहा है। लोने देने वाली सभी कंपनियों को अपनी कंपनी पहचान संख्या (CIN) और सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) को साफ तौर पर दिखाना होगा।

सरकार ने 100 से ज्यादा वेबसाइट ब्लॉक की:पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर होती थी ठगी, विदेश से ऑपरेट होती थीं वेबसाइट्स

यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) ने 100 से ज्यादा वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है। ये वेबसाइट्स आर्गनाइज्ड इन्वेस्टमेंट और टास्क-बेस्ड पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड में शामिल थीं। नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने पिछले हफ्ते इन पोर्टल्स की पहचान की थी जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है।

आधिकारिक बयान में बताया गया कि इन वेबसाइट्स को विदेशों से ऑपरेट किया जा रहा था। बड़े पैमाने पर की गई आर्थिक धोखाधड़ी से कमाए पैसों को कार्ड नेटवर्क, क्रिप्टोकरेंसी, फॉरेन एटीएम विड्रॉल और इंटरनेशनल फिनटेक कंपनियों का इस्तेमाल कर भारत से बाहर ले जाया गया। इस मामले में हेल्पलाइन और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर कई शिकायतें मिली थीं।

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