आंखों में धूल झोंककर हो रहा है सोने का आयात, सरकार को सालाना 63,375 करोड़ का नुकसान

आंखों में धूल झोंककर हो रहा है सोने का आयात, सरकार को सालाना 63,375 करोड़ का नुकसान
नई दिल्ली: प्लैटिनम और दूसरी धातुएं मिलाकर बनाई गई चीजों की आड़ में कम आयात शुल्क चुकाकर गोल्ड इंपोर्ट किया जा रहा है। इन अलॉय प्रोडक्ट्स को गलाकर सोना निकाला जा रहा है और उसे डिस्काउंट पर बेचा जा रहा है। इस शिकायत के साथ ऑल इंडिया जूलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने कॉमर्स मिनिस्ट्री को पत्र लिखकर मांग की है कि जिन चीजों में 5% से अधिक गोल्ड मिला हो, उनके लिए गोल्ड कंटेंट के हिसाब से अलग इंपोर्ट ड्यूटी तय की जाएं। कीमती धातुओं के ड्यूटी स्ट्रक्चर को लेकर थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (GTRI) ने भी चिंता जताई है।
AIJGF के नैशनल जनरल सेक्रेटरी नितिन केडिया ने कहा कि हाल के दिनों में प्लैटनिम अलॉय का इंपोर्ट काफी बढ़ा है, जिसमें असल में 88% तक गोल्ड मिला होता है। गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 15% है, लेकिन ऐसे अलॉय पर 5% है। केडिया ने कहा, ‘इसमें टेक्निकल तौर पर हो सकता है कि कुछ भी गलत न हो, लेकिन यह टैरिफ रेगुलेशंस को किनारे करने वाली बात है। इससे सरकार को रेवेन्यू लॉस भी हो रहा है।’
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