कन्‍याओं के पांव पखारे, चुनरी ओढ़ाई, भोजन के बाद दिया दक्षिणा, CM योगी का ये रूप देखिए

कन्‍याओं के पांव पखारे, चुनरी ओढ़ाई, भोजन के बाद दिया दक्षिणा, CM योगी का ये रूप देखिए
मुख्‍यमंत्री ने नौ कन्‍याओं के अलावा सौ से अधिक बालिकाओं और छोटे बालकों को मंदिर की रसोई में पकाया गया ताजा भोजन अपने हाथों से परोसकर खिलाया। योगी ने गोरखपीठ की परंपरा का निर्वहन कर अपने ध्‍येय को और मजबूती दी।

15 तारीख को कलश स्‍थापना की थी

गोरख पीठाधीश्वर आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन 15 तारीख को कलश स्थापना के साथ इसकी शुरुआत की थी।अष्टमी के अनुष्ठान के बाद आज महानवमी के दिन मंदिर परिसर में मां सिद्धिदात्री की पूजन अर्चना के बाद उन्‍होंने कन्याओं के पांव पखारे।

बटुक देव का पूजन

नाथ संप्रदाय के परंपरा के अनुसार, मुख्‍यमंत्री ने कन्‍याओं के साथ ही बटुक देव का भी पूजन किया। साथ ही उन्‍हें उपहार दिया।

खुद बच्‍चों को परोसा भोजन

कन्‍याओं और बटुक देव का पांव पखार आशीर्वाद लेने के बाद योगी ने सबको पांत में बैठाकर भोजन भी कराया। उन्‍होंने खुद बच्‍चों को भोजन परोसकर खिलाया।


माथे पर रोली और चंदन लगाया

सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर के प्रथम तल पर स्थित भोजन कक्ष में पीतल के परात में चांदी के लोटे से भरे जल से कन्‍याओं के बारी-बारी से पांव धोए। उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत और दुर्वा का तिलक लगाया।

​बालिकाओं और बटुकों से करते रहे ठिठोली

कन्‍या पूजन के बाद भोजन परोसते समय सीएम योगी बच्‍चों से लगातार बातचीत और ठिठोली करते रहे। योगी का सानिध्‍य पाने के लिए बालिकाओं और बटुकों का उत्‍साह देखते ही बनता था।
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