पाकिस्तान में ज्यादातर हथियारों के नाम अफगानिस्तान के उन शासकों के नाम पर रखे गए हैं, जिन्होंने इतिहास में भारत की जमीन पर हमला किया था। गजनी, गोरी और अब्दाली जैसी मिसाइलें अफगान हमलावर शासकों के नाम पर ही रखी गई हैं। असल में पाकिस्तान के अपनी मिसाइलों के नाम अफगान योद्धाओं के नाम पर रखने के पीछे भारत को चिढ़ाने की मंशा रही है लेकिन अब उसकी यह करतूत उसके लिए ही शर्मिंदगी बन गई है।
अफगान लड़ाकों के नाम पर मिसाइलों के नाम
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने अपने एक टॉक शो में इसका जिक्र किया और कहा कि अफगानिस्तान हम पर हमले कर रहा है और हमने अपनी मिसाइलों को उनके ही शासकों का नाम दे रखा है। मीर ने कहा, हमारे पास एटमी हथियार के साथ ही इन्हें ले जाने वाली मिसाइलें भी हैं। हमारे पास गजनवी मिसाइल, गोरी मिसाइल और अब्दाली मिसाइल है। महमूद गजनवी, शहाबुद्दीन गोरी और अहमद शाह अब्दाली, इन तीनों का ताल्लुक अफगानिस्तान से है। अहमदशाह अब्दाली को तो आज के अफगानिस्तान का संस्थापक कहा जाता है।मीर ने आगे कहा, हमने अपनी मिसाइलों के नाम अफगानों के हीरो के नाम पर, जिन्होंने हिंदुस्तान पर हमला किया और उनके साथ लड़ाई की। अफगान तालिबान अब उनकी (भारत) प्रॉक्सी बनते जा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के पुराने बयान का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या पाकिस्तान की कैबिनेट में इन मिसाइलों के नाम पर बदलने पर चर्चा हुई है।











