3 मार्च की घटना ने खोली पोल
खोड़ा के संगम विहार में 3 मार्च की रात एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। आग पार्किंग में खड़ी एक बाइक से शुरू हुई और देखते ही देखते 40 से ज्यादा वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में रह रहे करीब 250 लोग अंदर ही फंस गए। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और 22 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।दमकल विभाग का सर्वे
इस दर्दनाक घटना के बाद दमकल विभाग ने खोड़ा में दो सप्ताह तक व्यापक जांच अभियान चलाया। सर्वे में पाया गया कि इलाके की 70 प्रतिशत से ज्यादा इमारतें आग लगने के लिहाज से बेहद खतरनाक स्थिति में हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पूरे खोड़ा क्षेत्र में एक भी सरकारी फायर हाइड्रेंट मौजूद नहीं है। हालांकि कुछ होटल और निजी बारात घरों में निजी हाइड्रेंट हैं, लेकिन उनकी क्षमता बेहद सीमित है।इमारतों में सुरक्षा के इंतजाम न के बराबर
जांच में यह भी सामने आया कि खोड़ा की अधिकांश इमारतों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई इमारतों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) नहीं है, जिससे आग लगने पर लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता नहीं होता।इतना ही नहीं, कई इमारतों में खिड़कियों का अभाव है, जिससे धुआं बाहर नहीं निकल पाता और लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।











